अफगान सुरक्षा बलों को आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए प्रभावी, समय पर मदद की जरूरत : मामुंदजे

नयी दिल्ली, भारत में अफगानिस्तान के नामित राजदूत फरीद मामुंदजे ने कहा है कि आतंकवाद के मौजूदा खतरे से निपटने के लिए अफगान राष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा बल को प्रभावी, समय पर सहयोग की जरूरत है और मजबूत बल के बिना देश में और सीमाई क्षेत्र में शांति और सुरक्षा एक सपना ही रहेगा।

अफगान राष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा बल (एएनडीएसएफ) दिवस पर अफगानिस्तान दूतावास में बृहस्पतिवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मामुंदजे ने भारत का शुक्रिया अदा करते हुए उसे सबसे भरासेमंद क्षेत्रीय सहयोगी और अफगानिस्तान के विकास में सबसे बड़ा क्षेत्रीय भागीदार बताया।

एएनडीएसएफ के गठन पर प्रकाश डालते हुए मामुंदजे ने कहा कि नाटो नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायक बल या आईएसएएएफ ने अगस्त 2003 से दिसंबर 2014 तक इसे मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

आईएसएएफ के गठन से प्रभावी सुरक्षा के लिए अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा बलों के क्षमता निर्माण में मदद मिली और सुनिश्चित हुआ कि अफगानिस्तान आतंकियों का पनाहगाह नहीं बनेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘मीडिया में अफगानिस्तान को लेकर अक्सर नाकामी की गाथा कही जाती है लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू भी है। पिछले दो दशकों में विभिन्न क्षेत्र में प्रगति हुई है और यह पीढ़ीगत बदलाव से कम नहीं है। इससे समाज पर खासकर हमारे देश के युवाओं और महिलाओं पर सकारात्मक असर पड़ा है।’’

उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से एएनडीएसएफ के तहत अफगान राष्ट्रीय सेना, अफगान वायु सेना, अफगान राष्ट्रीय पुलिस और राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशालय (एनडीएस) समेत अन्य इकाइयां काम करती हैं।

दूतावास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारतीय सेना के एक शीर्ष अधिकारी, वरिष्ठ राजयनिक और विभिन्न देशों के सैन्य अताशे भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Flickr

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