नयी दिल्ली, सार्वजनिक क्षेत्र का पंजाब एंड सिंध बैंक सेबी के न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (एमपीएस) मानदंडों को पूरा करने के लिए पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) मार्ग सहित विभिन्न माध्यमों से पूंजी जुटाने की संभावनाएं तलाश रहा है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के अनुसार सभी सूचीबद्ध कंपनियों को 25 प्रतिशत की न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता बनाए रखना अनिवार्य है।
इसके लिए बैंक को सरकार की हिस्सेदारी घटानी होगी। पंजाब एंड सिंध बैंक के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) स्वरूप कुमार साहा ने पीटीआई-भाषा को दिए साक्षात्कार में बताया ‘‘चरणबद्ध तरीके से सरकारी हिस्सेदारी को कम करने के प्रयास के तहत हमें पात्र संस्थागत नियोजन और अन्य माध्यमों से पूंजी जुटाने के लिए निदेशक मंडल (बोर्ड) की मंजूरी मिल गई है।’’
उन्होंने कहा कि बैंक ने इसके लिए मर्चेंट बैंकर और कानूनी सलाहकारों को भी शामिल कर लिया है। उन्होंने आगे कहा कि प्रस्तावित पूंजी जुटाने की प्रक्रिया बाजार की स्थितियों के आधार पर इसी वित्त वर्ष में हो सकती है। दिल्ली मुख्यालय वाले पंजाब एंड सिंध बैंक में इस समय सरकार की 93.85 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में भारत सरकार की सबसे अधिक हिस्सेदारी है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common