न्यायालय ने नफरत भरे भाषण मामले में सुब्रहमण्यम स्वामी के खिलाफ फैसला सुरक्षित रखा

गुवाहाटी, गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने 2015 में असम में कथित तौर पर नफरत भरा भाषण देने के मामले में बृहस्पतिवार को राज्यसभा सदस्य सुब्रहमण्यम स्वामी के खिलाफ फैसला सुरक्षित रख लिया।

भारतीय जनता पार्टी के नेता ने उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर कर मामले को और अपने खिलाफ एक स्थानीय अदालत द्वारा जारी गैर जमानती आदेश को चुनौती दी थी।

उन्होंने अदालत में अपने मामले की पैरवी खुद की।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति मनीष चौधरी ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

उल्लेखनीय है कि 15 मार्च 2015 को स्वामी ने काजीरंगा विश्वविद्यालय में अयोध्या मुद्दे पर एक भाषण दिया था।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Getty Images

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