बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय जयासवाल ने दलितों पर अल्पसंख्यक समाज के अत्याचार पर चिंता जतायी

पटना, बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय जयासवाल ने रविवार को आरोप लगाया कि प्रदेश में विगत कुछ दिनों में दलितों पर अल्पसंख्यक समाज के कथित ‘अत्याचार की घटनाएं’ बढ़ी हैं और प्रशासन को हर जगह चौकसी बरतने की जरूरत है।

जयासवाल ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कल रामगढ़वा के धनगढ़वा गांव में सूचना मिली कि दलित समाज के लोगों के रास्ते को कुछ अल्पसंख्यक समाज के लोगों ने ईंट की दिवाल बनाकर बंद कर दिया है। मेरी पलनवा थाना प्रभारी से बात हुई और उनके साथ अंचलाधिकारी ने स्वयं स्थान पर जाकर समस्या का निदान कर दिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘विगत कुछ दिनों में इस तरह की घटनाएं काफी बढ़ गई है। शुरुआत ढाका से हुई जहां सहनी फिर नोनिया और उसके बाद पासवान समाज के बरात को न केवल निकलने पर पीटा गया बल्कि जब वे बेचारे पुलिस की मदद मांगने गए तो दंगे के समय के सिद्धांत के तहत दोनों समाज के लोगों पर मुकदमा एवं गिरफ्तारी का आदेश कर पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर ली। इस तरह की छह से ज्यादा घटनाएं ढाका में देखी गई है और हर बार दोषी के बदले दोनों समाज को जेल भेज दिया गया। रामगढ़वा में प्रशासन ने बहुत ही धैर्य से इस मुद्दे को सुलझाया इसलिए उनका साधुवाद।’’

जयासवाल ने कहा, ‘‘ये घटनाएं अचानक किशनगंज और पूर्णिया जिले में भी बढ़ गई हैं। वायसी में जो दलितों पर अत्याचार हुआ उसपर भी सरकार ने संज्ञान लेकर वहां के दलितों को इंसाफ दिलाया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रशासन को हर जगह चौकसी की जरूरत है। जनप्रतिनिधियों द्वारा अगर इस तरह की घटनाओं पर तुरंत संज्ञान लेकर निदान कर दिया जाता है तो भविष्य में स्थितियां हाथ से नहीं निकलती है।पर जब जिला प्रशासन एक तरफ खड़ा होकर निर्दोषों को भी दंड देने लगता है तो समाज में बहुत गलत संदेश जाता है।’’

जयासवाल ने आरोप लगाया, ‘‘ चुनाव के पश्चात पश्चिम बंगाल में जिस तरह दलितों पर अत्याचार हुआ है वैसा केवल 1947 के बाद पाकिस्तान के तत्कालीन दलित कानून मंत्री योगेंद्र नाथ मंडल के कहने पर जो दलित आज के बांग्लादेश में रह गए थे उन पर ही देखने को मिला था।’’

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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