नयी दिल्ली, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को एक महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण पत्र जारी किया जिसमें भारतीय सेना को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक रणनीतिक सुधार दक्षता बढ़ाने के उपाय और संगठनात्मक परिवर्तन की एक शृंखला की व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय द्वारा तैयार किया गया यह दस्तावेज भारत की स्वतंत्रता की शताब्दी तक भारतीय सशस्त्र बलों को एक आधुनिक बहु-क्षेत्रीय और एकीकृत बल में बदलने के लिए एक रणनीतिक खाका है। यह दृष्टिकोण पत्र भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के आठ महीने बाद जारी किया गया। पिछले साल सात से 10 मई के बीच हुए इस संघर्ष के बाद सेना के तीनों अंगों (थलसेना वायुसेना और नौसेना) से कहा गया कि वे इस संघर्ष से मिले अनुभव का लाभ उठाने के लिए काम करें।
‘रक्षा बल दृष्टिकोण 2047: भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना की रूपरेखा’ में सेना को एक एकीकृत बहु-क्षेत्रीय और सतर्क बल में बदलने की परिकल्पना की गई है जो विरोधियों को रोकने और किसी भी संघर्ष का प्रभावी ढंग से जवाब देने में सक्षम हो।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस दृष्टिकोण पत्र का एक प्रमुख उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता और बेहतर तालमेल पर जोर देना है जिससे योजना संचालन और क्षमता विकास में अधिक समन्वय को बढ़ावा मिले।
मंत्रालय ने कहा है कि रक्षा बलों को एक आधुनिक एकीकृत और तकनीकी रूप से उन्नत सैन्य बल में बदलने के लिए एक खाका तैयार किया गया है जो 2047 तक देश की ‘विकसित भारत’ बनने की आकांक्षा का समर्थन करने में सक्षम होगा।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common