सबरीमला (केरल), केरल के सबरीमला में भगवान अयप्पा मंदिर में वार्षिक तीर्थयात्रा के दौरान अधिकारियों ने उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित डिजिटल कतार और ‘स्पॉट बुकिंग’ नियमों को और सख्ती से लागू करने का फैसला किया है। सन्निधानम के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) अरुण एस नायर ने सोमवार को यहां सम्मेलन कक्ष में आयोजित चौथी उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद इस निर्णय की घोषणा की।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि एडीएम के अनुसार श्रद्धालुओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे डिजिटल कतार प्रणाली के माध्यम से आवंटित तिथियों पर ही मंदिर पहुंचें। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य तीर्थयात्रियों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करना और सुरक्षित एवं व्यवस्थित दर्शन अनुभव सुनिश्चित करना है।
एक महत्वपूर्ण निर्देश में एडीएम ने बुजुर्ग श्रद्धालुओं स्वास्थ्य समस्याओं या चलने में असमर्थ लोगों और बच्चों वाले परिवारों को पहाड़ी मंदिर तक पहुंचने के लिए पारंपरिक वन-पथ से बचने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि इसके बजाय उनसे सन्निधानम पहुंचने के लिए निलक्कल-पम्पा मार्ग का इस्तेमाल करने का आग्रह किया गया है।
बयान में कहा गया है कि वन विभाग अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के अधिकारी उन तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रहे हैं जो ट्रैकिंग के दौरान गिर जाते हैं या किसी भी कठिनाई का सामना करते हैं।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common