केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में 9वें दो-दिवसीय राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति (NSS) सम्मेलन-2026 का उद्घाटन किया।सम्मेलन के पहले दिन राष्ट्रीय सुरक्षा के अहम पहलुओं पर चर्चा हुई, जिसमें आतंकवाद-रोधी चुनौतियों से निपटना, मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC) के जरिए खुफिया जानकारी का एकीकरण, विश्लेषण और उसे लागू करना, नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए विजन डॉक्यूमेंट, अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें वापस भेजना, साइबर-क्राइम और पाकिस्तान द्वारा प्रॉक्सी वॉर (छद्म युद्ध) से निपटने के लिए पॉलिसी फ्रेमवर्क शामिल थे।
आतंकवाद और कट्टरपंथ से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने MHA की ‘प्रहार’ (PRAHAAR) योजना को लागू करने के लिए ट्रेनिंग, भगोड़ों को वापस लाकर ट्रायल में तेज़ी लाने और ‘ट्रायल इन एब्सेंटिया’ (आरोपी की अनुपस्थिति में मुकदमा) के प्रावधानों का इस्तेमाल करने, और UAPA मामलों की जांच करते समय व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने पर ज़ोर दिया। गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा की विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) बनाने के वास्ते MAC प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध जानकारी का AI-आधारित विश्लेषण किया जाना चाहिए।
केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी एजेंसियों को घुसपैठ के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया।NSSC का आयोजन 2021 से हर साल हाइब्रिड फॉर्मेट में किया जा रहा है। इसका मकसद ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के व्यापक अनुभव और विषय-विशेषज्ञों के सहयोग से राष्ट्रीय सुरक्षा की बड़ी चुनौतियों का समाधान खोजना है।
इस सम्मेलन का मकसद उभरती चुनौतियों से राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए आगे का रास्ता तय करने के वास्ते विभिन्न एजेंसियों की जानकारियों और विचारों को एक साथ लाना है। आतंकवाद-रोधी उपायों, नशीले पदार्थों, अवैध प्रवास, साइबर अपराध, सब-एरियल सिस्टम, ब्लू इकोनॉमी को सुरक्षित करने, सूचना युद्ध और जैव-सुरक्षा पर विशेष ज़ोर दिया गया है।https://x.com/AmitShah/status/2091930000924848414/photo/1