मुंबई, अमेरिकी मुद्रा की मजबूती और घरेलू शेयर बाजारों में नकारात्मक रुख के कारण निवेशकों की धारणा प्रभावित होने से शुक्रवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 28 पैसे कमजोर होकर 87.46 (अस्थायी) पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि अमेरिका द्वारा कई देशों पर शुल्क लगाए जाने से वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल मच गई है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर अनिश्चिततता होने से अमेरिकी डॉलर सूचकांक में भी अस्थिरता हो गई है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 87.32 पर खुला और कारोबार के दौरान 87.53 प्रति डॉलर के निचले स्तर एवं 87.46 प्रति डॉलर के उच्च स्तर तक गया। कारोबार के अंत में रुपया 87.46 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 28 पैसे की गिरावट है। बृहस्पतिवार को रुपया एक पैसे की बढ़त के साथ 87.18 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
इस बीच दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ 107.33 पर पहुंच गया। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.74 प्रतिशत गिरकर 73.49 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर रहा। घरेलू शेयर बाजार में बीएसई सेंसेक्स 1 414.33 अंकों की गिरावट के साथ 73 198.10 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 420.35 अंक गिरकर 22 124.70 अंक रह गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने बृहस्पतिवार को 556.56 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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