वाशिंगटन, अमेरिकी सीनेट ने देश को देन-दारियों में चूक से बचाने के लिए ऋण सीमा बढ़ाने संबंधी विधेयक बृहस्पतिवार देर रात पारित किया। इसे अब अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के पास हस्ताक्षर करने के लिए भेजा गया है और प्रतिनिधिसभा के अध्यक्ष केविन मैकार्थी के बीच जिस समझौता पैकेज पर सहमति बनी है, उससे रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सांसद, दोनों ही पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। द्विदलीय मतदान में 36 के मुकाबले 63 मतों से सीनेट ने विधेयक को पारित किया।
सीनेट में बहुमत के नेता चक शूमर ने कहा कि विधेयक के पारित होने का मतलब है कि ‘‘ अमेरिका राहत की सांस ले सकता है।’’उन्होंने कहा कि देन-दारियों में चूक न हो, इसलिए यह समझौता किया गया है। विधेयक के पारित होने के बाद बाइडन ने कहा, ‘‘ एक बार फिर यह दिखाया किया कि अमेरिका एक ऐसा राष्ट्र है जो अपने ‘बिल’ का भुगतान करता है और अपने दायित्वों को पूरा करता है…और हमेशा करता रहेगा।’’उन्होंने कहा कि वह जल्द से जल्द विधेयक पर हस्ताक्षर करेंगे।
राष्ट्रपति बाइडन ने कहा, ‘‘ बातचीत में कभी भी सभी को वह वहीं मिल सकता, जो वे चाहते हैं…यह द्विदलीय समझौता हमारी अर्थव्यवस्था और अमेरिकी लोगों के लिए एक बड़ी जीत है।’’व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बाइडन ईस्टर्न टाइम ज़ोन (ईडीटी) के अनुसार शुक्रवार को शाम सात बजे इस मुद्दे पर देश को संबोधित करेंगे।
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