वाशिंगटन, अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के उच्च सदन सीनेट में 60 से अधिक सदस्यों के समर्थन से एक विधेयक पेश किया गया है जिसमें रूसी तेल खरीदने पर भारत और चीन समेत पांच देशों पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रावधान है। हालांकि इस विधेयक में रूसी प्राकृतिक गैस खरीदने वाले यूरोपीय देशों को छूट दी गई है।
सदन में बृहस्पतिवार को पेश इस विधेयक का मसौदा डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य रिचर्ड ब्लूमेंथल और रिपब्लिकन पार्टी के दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने मिलकर तैयार किया था।
इस विधेयक को रूस के राजनीतिक नेतृत्व वित्तीय संस्थानों ऊर्जा क्षेत्र और प्रतिबंधों से बचने वाले नेटवर्क पर अनिवार्य प्रतिबंध लगाकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के लिए इस्तेमाल होने वाली कमाई से वंचित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
ब्लूमेंथल ने मंगलवार को कहा था कि प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य रूसी तेल के पांच बड़े खरीदारों चीन भारत स्लोवाकिया हंगरी और अजरबैजान पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाना है।
सीनेट में बृहस्पतिवार को पेश किये गए विधेयक में उन देशों से होने वाले आयात पर शुल्क लगाने का प्रावधान है जो रूसी कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के दुनिया के शीर्ष पांच खरीदार हैं या जो रूसी तेल पर लगे प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले शीर्ष पांच देशों में शामिल हैं।
यह विधेयक अधिकतर यूरोपीय सहित उन देशों को छूट देता है जो रूस से कुल प्राकृतिक गैस निर्यात का 15 प्रतिशत से भी कम आयात करते हैं और जो इस आयात को कम करने के लिए अहम कदम उठा रहे हैं।विधेयक में यह भी कहा गया है कि अमेरिका व्यापार प्रतिनिधित्व प्रत्येक 180 दिनों में सबसे ज्यादा खरीद करने वाले शीर्ष पांच खरीदारों की समीक्षा करें और खरीदारी की परिपाटी में बदलाव के आधार पर शुल्क दरों में भी बदलाव करें।प्रस्तावित कानून में अमेरिका द्वारा अपने परमाणु रिएक्टरों और चिकित्सा जरूरतों के लिए रूसी यूरेनियम की खरीद को छूट दी गई है। इसमें परमाणु और अंतरिक्ष क्षेत्र में अमेरिका-रूस सहयोग के तहत की जाने वाली गतिविधियों को भी शामिल नहीं किया गया है।
‘लिंडसे ओ ग्राहम प्रतिबंध रूस अधिनियम 2026’ नाम से तैयार इस विधेयक को ग्राहम को श्रद्धांजलि करार दिया गया जिनका शनिवार को निधन हो गया।विधेयक के पुराने मसौदे में रूस से तेल और गैस खरीदने वालों पर 500 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रस्ताव किया गया था। क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common