अल्जाइमर के लक्षणों में वृद्धि करने वाले जीन स्वरूप की पहचान हुई: अध्ययन

वाशिंगटन, अनुसंधानकर्ताओं ने एक ऐसे जीन स्वरूप की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग तथा संबंधित डिमेंशिया (एडीआरडी) से जुड़े ‘पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर’ (पीटीएसडी) और सिर की परेशानी के जोखिम को बढ़ाता है।

अनुसंधानकर्ताओं को ‘यूएस डिपार्टमेंट ऑफ वेटरन्स अफेयर्स’ (वीए) में लोगों पर किए गए एक अध्ययन में पहली बार पीटीएसडी पीड़ित और आघातीय मस्तिष्क चोट (टीबीआई) से पीड़ित लोगों में एडीआरडी का एक बड़ा प्रतिशत मिला। उन्हें उन बुजुर्गों में भी एडीआरडी की उच्च दर मिली जिन्हें ई4 जीन स्वरूप विरासत में मिला था।

यह अध्ययन रिपोर्ट ‘अल्जाइमर एंड डिमेंशिया: द जर्नल ऑफ द अल्जाइमर एसोसिएशन’ में प्रकाशित हुई है।

‘वेटरन्स अफेयर्स (वीए) बोस्टन हेल्थकेयर सिस्टम’ में ‘नेशनल सेंटर फॉर पीटीएसडी’ के सांख्यिकीविद् डॉ. मार्क लॉग के नेतृत्व में किए गए अध्ययन में यूरोपीय वंश के बुजुर्गों में पीटीएसडी और टीबीआई के कारण जोखिम में वृद्धि देखी गई, जिन्हें ई4 स्वरूप विरासत में मिला था।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : https://en.wikipedia.org/wiki/Alzheimer%27s_disease#/media/File:Brain-ALZH.png

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