गुवाहाटी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने राज्य के वैष्णव मठों यानी सत्र में रहने वाले अविवाहित भिक्षुओं को 1 500 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक योजना की शुरुआत की। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में कहा कि इस कल्याणकारी पहल से कम से कम 620 उदासीन भक्तों (अविवाहित भिक्षुओं) को लाभ मिलेगा।
सीएमओ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्व शर्मा ने आज मान्यता प्राप्त सत्रों के उदासीन भक्तों के लिए एक नयी कल्याणकारी पहल शुरू की जो असम की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में उनके निरंतर योगदान का सम्मान करती है।
बयान में कहा गया कि 620 भक्तों को मासिक सहायता प्रदान करने की यह पहल असम की सभ्यतागत विरासत को बनाए रखने वालों के प्रति राज्य सरकार की सम्मान और देखभाल की प्रतिबद्धता को दोहराती है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने भी एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह योजना उन भक्तों का सम्मान करती है जो अपना जीवन सत्रों को समर्पित कर देते हैं। शर्मा ने कहा असम के सत्र हमारी संस्कृति में प्राण फूंकते हैं और वर्षों से हमारे लोकाचार और मूल्यों को संजोए हुए हैं। यह अत्यंत उचित था कि हम सत्रों की रक्षा करें उन्हें उन्नत करें और उन उदासीन भक्तों की देखभाल करें जो अपना जीवन इनके लिए समर्पित कर देते हैं।
मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वह ऐतिहासिक अन्यायों को दूर करने और हमारे मूल्यों एवं संस्कृति को बनाए रखने के लिए समर्पित लोगों की सेवा करने में सक्षम हुए हैं।
उन्होंने कहा कि गुरुजन के आशीर्वाद से इन भिक्षुओं को उनके भक्ति मार्ग में सहायता के लिए 1 500 रुपये की मासिक मदद देना उनके लिए बहुत बड़ा सम्मान है।