विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने यूरोपीय देशों और व्यापारियों को राज्य की सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया और कहा कि यह राज्य वैश्विक बाजार में प्रवेश का द्वार होगा। ‘पार्टनर्स इन प्रोग्रेस–इंडिया-यूरोप कोऑपरेशन फॉर सस्टेनेबल ग्रोथ’ विषय पर 14 और 15 नवंबर को होने वाले 30वें सीआईआई पार्टनरशिप शिखर सम्मेलन से पहले आयोजित गोलमेज बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश में कारोबार करने की सुगमता गति और लागत अभूतपूर्व है।
नायडू ने कहा “आंध्र प्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में अपार अवसरों के साथ वैश्विक बाजार में प्रवेश का द्वार बनेगा। राज्य में कारोबार करने की सुगमता गति और लागत अभूतपूर्व है।”मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रोत्साहन देने और व्यापार अनुमति तेजी से जारी करने के मामले में इस दक्षिणी राज्य की कोई तुलना नहीं है।
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में विनिर्मित वस्तुओं स्वास्थ्य सेवा शिक्षा पर्यटन खाद्य प्रसंस्करण और अन्य क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। दक्षिणी राज्य में हाल में किए गए निवेश वादों का उल्लेख करते हुए नायडू ने बताया कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गूगल 15 अरब डॉलर के निवेश से एक एआई डेटा केंद्र स्थापित करेगी और इसके साथ ही समुद्र के भीतर सिंगापुर तक केबलें बिछाई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश बड़े पैमाने पर उद्योगों को बढ़ावा दे रहा है और इसी के तहत राज्य सरकार ने ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस’ नीति अपनाई है जिसके जरिए 45 दिनों के भीतर आवेदन निपटाने का लक्ष्य रखा गया है।मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों से आंध्र प्रदेश में निवेश करने की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि उनके आवेदनों की निगरानी और आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक निवेशक को एक अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।
आर्मेनिया गणराज्य के अर्थव्यवस्था मंत्री गेवरग पापोयान स्विट्ज़रलैंड स्थित फर्स्टजेन होल्डिंग लिमिटेड की चीफ इम्पैक्ट ऑफिसर क्लेमेंस कोपेकिन प्रोफेसर बर्ट्रम लोहम्यूलर सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति इस गोलमेज बैठक में शामिल हुए।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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