आतंकवाद के संदर्भ के बिना एससीओ का घोषणापत्र भारत को स्वीकार्य नहीं: जयशंकर

नयी दिल्ली, केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को पाकिस्तान का नाम लिये बिना कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक के घोषणापत्र में भारत आतंकवाद का उल्लेख चाहता था लेकिन एक सदस्य देश को यह स्वीकार्य नहीं था।

जयशंकर ने कहा कि इस मामले पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का दृष्टिकोण सही था क्योंकि एससीओ का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद से लड़ना है और इस संदर्भ (आतंकवाद पर भारत की चिंता) के बिना सिंह ने परिणामी दस्तावेज को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। सिंह ने बृहस्पतिवार को पहलगाम आतंकवादी हमले का उल्लेख नहीं करने और पाकिस्तान समर्थित सीमा पार आतंकवाद पर भारत की चिंताओं पर स्पष्ट रूप से ध्यान नहीं देने पर एससीओ के संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। शीर्ष सूत्रों ने बताया कि सिंह ने रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में आतंकवादी हमले को बयान में शामिल करने की मांग की जबकि पाकिस्तानी पक्ष ने बलूचिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों पर एक पैराग्राफ रखने पर जोर दिया जो नयी दिल्ली को जिम्मेदार ठहराने का स्पष्ट प्रयास था।

जयशंकर ने सिंह के रुख के बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा कि आम सहमति से चलने वाले एससीओ का उद्देश्य आतंकवाद से लड़ना है। उन्होंने कहा “रक्षा मंत्रियों की बैठक के घोषणापत्र पर चर्चा में एक देश ने कहा कि नहीं हम इसका संदर्भ नहीं चाहते हैं। आप अनुमान लगा सकते हैं कि कौन सा देश रहा होगा।”

जयशंकर ने कहा कि एससीओ सर्वसम्मति से चलता है लेकिन जब एक देश ने कहा कि वह आतंकवाद का कोई उल्लेख स्वीकार नहीं करेगा तो सिंह ने कहा कि घोषणापत्र भारत को स्वीकार्य नहीं है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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