‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार स्थिर और विश्वसनीय नीति निर्माण की शुरुआत करेगी: कांग्रेस

नयी दिल्ली  शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कांग्रेस ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर  डर फैलाने  का आरोप लगाया और कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार स्थिर  विश्वसनीय नीति निर्माण और समग्र समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत करेगी। विपक्षी दल का यह बयान तब आया जब गृह मंत्री शाह ने एक टीवी चैनल के साथ साक्षात्कार में कहा कि शेयर बाजार को चुनाव से नहीं जोड़ा जाना चाहिए  लेकिन एक स्थिर सरकार बेहतर प्रदर्शन करने में इसकी मदद करती है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा और इसके सहयोगियों की जीत के परिणामस्वरूप चार जून के बाद बाजार में तेजी आएगी।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान में कहा ‘‘वित्तीय बाजारों को लेकर ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार के बारे में निवर्तमान गृह मंत्री द्वारा फैलाए गए भय का कोई आधार नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि मजबूत और समावेशी आर्थिक विकास प्रदान करने में कांग्रेस  का रिकॉर्ड खुद इस बारे में बोलता है। रमेश ने कहा   यह रिकॉर्ड की बात है कि डॉ. मनमोहन सिंह के शासनकाल में आर्थिक विकास और निवेश मोदी सरकार की तुलना में बहुत अधिक था। प्रतिशत के रूप में निजी निवेश और विनिर्माण की हिस्सेदारी पिछले दशक की तुलना में डॉ. सिंह के शासनकाल में बहुत अधिक थी। 

उन्होंने कहा कि नोटबंदी  जीएसटी और गलत योजना के साथ लॉकडाउन लगाने जैसी नीतिगत त्रुटियों ने पिछले दशक में विकास दर के कम रहने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

रमेश ने कहा  ‘‘लेकिन उतना ही महत्वपूर्ण मोदी सरकार द्वारा बनाया गया भय और अनिश्चितता का माहौल भी है  जिसके कारण भारत से दुबई  लंदन और सिंगापुर जैसे स्थानों पर धन सृजन करने वालों का सबसे बड़ा पलायन हुआ है।’’ उन्होंने कहा  ‘‘इस संदर्भ में ‘इंडिया’ गठबंधन सरकार का सबसे महत्वपूर्ण कार्य अविश्वास और भय के मौजूदा माहौल को दूर करना तथा एक स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र बनाना होगा जहां निजी उद्यम  नियामक प्राधिकरण  कर प्राधिकरण और सरकार आपसी सहयोग एवं सम्मान की भावना से काम करेंगे जैसा कि हमने अपने न्याय पत्र- घोषणापत्र में लिखा है।”

कांग्रेस महासचिव ने कहा  ‘‘हमारा यह भी कहना है कि नियामक निरीक्षण स्पष्ट रूप से प्रतिपादित कानूनों और नियमों पर आधारित होगा जिन्हें निष्पक्ष रूप से और बिना किसी भेदभाव के लागू किया जाएगा।’’ रमेश ने कहा कि यह मोदी सरकार के उस  प्रतिशोधी और मनमाने दृष्टिकोण  के बिलकुल विपरीत है  जिसका मुख्य लक्ष्य धन उगाही करना  कुछ पसंदीदा लोगों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा को दबाना और निर्णय लेने में सभी की स्वतंत्रता को खत्म करना है।

उन्होंने दावा किया कि इन प्रतिस्पर्धा रोधी नीतियों ने कम निवेश और आर्थिक शक्ति के संकेंद्रण में भूमिका निभाई है।

रमेश ने कहा  ‘‘हमारा घोषणापत्र एक स्पष्ट  पारदर्शी और विश्वसनीय कर व्यवस्था लागू करने का भी वादा करता है। हम मौजूदा जीएसटी को जीएसटी 2.0 से बदल देंगे जो एकल  मध्यम दर (कुछ अपवादों के साथ) होगी। हम एक प्रत्यक्ष कर संहिता लागू करेंगे और अगले पांच वर्षों में स्थिर व्यक्तिगत आयकर दरें बनाए रखेंगे।’’ उन्होंने कहा   हम इन सभी को राजकोषीय जिम्मेदारी के स्थापित सिद्धांतों के भीतर लागू करेंगे। हम बाजार सहभागियों को याद दिलाते हैं कि डॉ. सिंह की सरकार ने अपना कार्यकाल सकल घरेलू उत्पाद (2013-14) के 4.5 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे के साथ समाप्त किया  जो मोदी सरकार के अंतिम वर्ष (2023-24) में 5.8 प्रतिशत राजकोषीय घाटे से काफी कम है।’’

रमेश ने ‘एक्स’ पर कहा कि गृह मंत्री शाह जो भय फैला रहे हैं  उसकी कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने उनके बयान का स्क्रीनशॉट भी साझा किया। उन्होंने कहा    ‘इंडिया’ गठबंधन सत्ता में आ रहा है और यह स्थिर  विश्वसनीय नीति निर्धारण तथा समग्र समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत करेगा। 

वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने ‘एक्स’ पर रमेश के बयान और पोस्ट को टैग करते हुए कहा   सुनें सुनें। ‘इंडिया’ घोषणापत्र समिति के सदस्य के रूप में मुझे सामाजिक न्याय के साथ आर्थिक विकास  धन सृजनकर्ताओं को भारत से दूर ले जा रहे कर आतंकवाद के अंत और विश्वसनीय एवं पारदर्शी आर्थिक एवं राजकोषीय नीतियों के प्रति हमारी पार्टी की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए गर्व की अनुभूति हो रही है। 

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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