भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने भारतीय नौसेना के GSAT-7R (CMS-03) संचार उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया है। यह भारतीय नौसेना का अब तक का सबसे उन्नत संचार उपग्रह है। यह उपग्रह नौसेना की अंतरिक्ष-आधारित संचार और समुद्री क्षेत्र जागरूकता क्षमताओं को मज़बूत करेगा।स्वदेश में डिज़ाइन और विकसित इस उपग्रह को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया गया।
यह उपग्रह भारत का अब तक का सबसे भारी संचार उपग्रह है, जिसका वजन लगभग 4,400 किलोग्राम है और इसमें कई स्वदेशी अत्याधुनिक घटक शामिल हैं जिन्हें विशेष रूप से भारतीय नौसेना की परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित किया गया है।GSAT-7R पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में मज़बूत दूरसंचार कवरेज प्रदान करेगा। इसके पेलोड में कई संचार बैंडों पर ध्वनि, डेटा और वीडियो लिंक का समर्थन करने में सक्षम ट्रांसपोंडर शामिल हैं।
यह उपग्रह उच्च क्षमता वाले बैंडविड्थ के साथ कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा, जिससे भारतीय नौसेना के जहाजों, विमानों, पनडुब्बियों और समुद्री संचालन केंद्रों के बीच निर्बाध और सुरक्षित संचार संपर्क संभव होगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के सबसे भारी संचार उपग्रह, CMS-03 के सफल प्रक्षेपण पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को बधाई दी है।
एक्स पर एक पोस्ट में, प्रधानमंत्री ने कहा: “हमारा अंतरिक्ष क्षेत्र हमें निरंतर गौरवान्वित करता है! भारत के सबसे भारी संचार उपग्रह, सीएमएस-03 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो को बधाई। हमारे अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की बदौलत, यह सराहनीय है कि हमारा अंतरिक्ष क्षेत्र उत्कृष्टता और नवाचार का पर्याय बन गया है। उनकी सफलताओं ने राष्ट्रीय प्रगति को गति दी है और अनगिनत जीवन को सशक्त बनाया है। @isro”https://x.com/isro/status/1984975935364616534/photo/1