ईडी ने द्रमुक के पूर्व पदाधिकारी जाफर सादिक एवं अन्य लोगों के कई परिसर पर की छापेमारी

चेन्नई  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के पूर्व पदाधिकारी जाफर सादिक और अन्य के खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत तमिलनाडु के कई शहरों में मंगलवार को छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।    

अधिकारियों ने बताया कि निदेशालय के अधिकारी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की मदद से धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत राज्य की राजधानी चेन्नई  मदुरै और तिरुचिरापल्ली में 25 परिसर की तलाशी ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि तलाशी के दौरान कुछ दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।   

अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत दर्ज मामले में की जा रही है।            उन्होंने कहा कि सादिक  फिल्म निर्देशक अमीर और कुछ अन्य लोगों के परिसर पर छापेमारी की जा रही है। सादिक तमिल फिल्मों के निर्माता भी हैं। स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह की जांच के सिलसिले में सादिक को पिछले महीने गिरफ्तार किया था। उन्हें 3 500 किलोग्राम ‘स्यूडोएफेड्राइन’ की तस्करी में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया था जिसका बाजार मूल्य दो हजार करोड़ रुपये से अधिक है। ‘स्यूडोएफेड्राइन’ मादक पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाला रसायन है।           

प्रवर्तन निदेशालय ने एनसीबी के इस मामले और कुछ अन्य प्राथमिकियों का संज्ञान लेने के बाद सादिक और अन्य के खिलाफ धनशोधन का मामला दर्ज किया था। एनसीबी ने बताया कि सादिक के तार तमिल और हिंदी फिल्म जगत से जुड़े हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि कुछ  हाई प्रोफाइल  लोगों के साथ-साथ राजनीतिक वित्तपोषण के कुछ मामले भी एजेंसी की जांच के दायरे में हैं।        

 मादक पदार्थ नेटवर्क में नाम सामने आने के बाद सादिक को सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) से फरवरी में निष्कासित कर दिया गया था। संबंधित मामला तब सामने आया था जब एनसीबी ने दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ के साथ मिलकर 15 फरवरी को दिल्ली स्थित एक गोदाम पर छापा मारा और तीन लोगों को गिरफ्तार किया। एनसीबी ने दावा किया कि गिरफ्तार किए गए तीन व्यक्तियों और सादिक ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में उनके द्वारा ‘स्यूडोएफेड्राइन’ की कुल 45 खेप भेजी गईं  जिनमें लगभग 3 500 किलोग्राम ‘स्यूडोएफेड्राइन’ था  जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार  में कीमत 2 000 करोड़ रुपये से अधिक है।   

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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