उप्र बाढ़:17 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, 26 जिले प्रभावित

लखनऊ, उत्तर प्रदेश सरकार के बाढ़ प्रभावित 26 इलाकों से 17 500 से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है और बाढ़ से अब तक किसी भी व्यक्ति या मवेशी की जान जाने की खबर नहीं है। सरकार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक बाढ़ से करीब 3.53 लाख लोग प्रभावित हुए हैं कम से कम 17 544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है जबकि 4 847 लोग वर्तमान में राहत आश्रयों में रह रहे हैं।

सरकार ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि राज्य भर में कुल 1 312 बाढ़ आश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं जबकि 1 634 बाढ़ चौकियां 1 697 नावें और मोटरबोट और 1 068 मेडिकल टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं। राहत तंत्र ने प्रभावित लोगों के बीच 72 897 खाद्य राहत पैकेट और 3 67 551 लंच पैकेट वितरित किए हैं।

स्वास्थ्य और स्वच्छता उपायों के तहत 5.52 लाख से अधिक क्लोरीन की गोलियां और 1.87 लाख ओआरएस पैकेट भी वितरित किए गए हैं। पशुओं के लिए 5 000 क्विंटल से अधिक चारा उपलब्ध कराया गया है। बयान में कहा गया है कि बाढ़ से 45 000 से अधिक पशु प्रभावित हुए हैं लेकिन किसी पशुधन की मौत की सूचना नहीं है।

बाढ़ प्रभावित जिलों में अमरोहा अयोध्या आज़मगढ़ बदांयू बलिया बाराबंकी बस्ती चंदौली फर्रुखाबाद ग़ाज़ीपुर गोंडा गोरखपुर हरदोई कासगंज कानपुर लखीमपुर खीरी मिर्ज़ापुर मुरादाबाद पीलीभीत प्रयागराज रायबरेली रामपुर संत कबीर नगर शाहजहांपुर उन्नाव और वाराणसी शामिल हैं। बयान के मुताबिक चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जल स्तर 29 अगस्त को 135.20 मीटर पर पहुंच गया था जो अब घटकर 128 मीटर हो गया है लेकिन अधिकारी स्थिति और राहत कार्यों पर नजर रख रहे हैं।

चित्रकूट में कम से कम 688 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है जबकि 36 प्रभावित गांवों के 13 906 लोगों को सहायता दी गई है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में 28 803 लंच पैकेट और 2 065 राहत किट बांटी हैं। अठारह बाढ़ आश्रय स्थल सक्रिय हैं

जबकि एम्बुलेंस और दवाओं से सुसज्जित 28 चिकित्सा टीमें तैनात की गई हैं। गाज़ीपुर में पुलिस और प्रशासन ने गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण डुहिया सरैया के पास फंसे 12 चरवाहों और 2 000 से अधिक भेड़ों को बचाया।

बचाव अभियान करीब छह घंटे तक चला। देर रात सूचना मिलने के बाद पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम ददरी घाट पहुंची और फंसे हुए लोगों और पशुधन का पता लगाने के लिए नाइट-विजन ड्रोन का इस्तेमाल किया। बयान में कहा गया है कि इसके बाद पीएसी फ्लड कंपनी पुलिस प्रशासनिक टीमों और स्थानीय नाविकों ने बचाव अभियान संचालित किया जिसमें जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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