एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक टीम की चैंपियन मानसिकता का प्रतिबिंब: अय्यर

निशिन,  भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि एशियाई खेलों के लिए तैयारियों में हुई बाधाओं के बावजूद उनकी टीम ने शिकायत नहीं की और यही एक चैंपियन टीम की निशानी थी जिसने महाद्वीपीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक की नींव रखी।

           भारत की तैयारियां बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुईं और टीम को एक अक्टूबर को श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले ही अपना पहला उचित ट्रेनिंग सत्र मिला।

           टीम 20 सितंबर को जापान पहुंची और 22 सितंबर को सानो में पांच ओवर का मैच खेला और फिर नागोया के लिए रवाना हुई। 28 सितंबर को अफगानिस्तान के खिलाफ एशियाड क्वार्टरफाइनल बारिश के कारण धुल गया था। अय्यर ने कहा कि फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराने से पहले टीम ने बहाने बनाने के बजाय परिस्थितियों के अनुसार ढलने का विकल्प चुना।

           अय्यर ने फाइनल के बाद कहा  ‘‘अगर मुझे एक शब्द का इस्तेमाल करना हो  तो मैं कहूंगा कि बेहद खुश। जिस दिन से हम जापान पहुंचे  उस दिन से मूसलाधार बारिश हो रही थी और हम लगभग एक सप्ताह तक अभ्यास नहीं कर सके। लेकिन लड़कों ने जिस तरह खुद को तैयार किया और हम साथ-साथ ट्रेनिंग भी कर रहे थे। हमने शिकायत नहीं की  हमने कोई बहाना नहीं बनाया। ’’

           उन्होंने कहा  ‘‘तो यह अपने आप में एक चैंपियन टीम की निशानी थी। और आज उसी का प्रतिबिंब था। ’’ भारत ने छह विकेट पर 211 रन बनाए जिसके बाद पाकिस्तान को छह विकेट पर 192 रन पर रोक दिया। अय्यर ने टीम के सामूहिक प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा  ‘‘जब आप फाइनल खेल रहे होते हैं  तो आप चाहते हैं कि हर एक खिलाड़ी आगे आए और अपना योगदान दे। और आज हमने यही देखा। ’’

           कप्तान ने कहा  ‘‘अभिषेक ने हमें वह शुरुआत दी और फिर तिलक ने मूल रूप से पारी का अंत किया। और फिर गेंदबाजी में वॉशिंगटन ने वह जिम्मेदारी संभाली  अक्षर हर समय अपने अंदाज में रहे और बुमराह के बारे में हम जानते ही हैं। ’’

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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