‘ऐसा कौन सा खेल आयोजन है जिसमें चुनौतियां नहीं होतीं?’ एशियाड की अव्यवस्थाओं पर ओसीए

नागोया,  एशियाई खेलों की शुरुआत से पहले आयोजन संबंधी अव्यवस्थाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) ने आयोजकों का बचाव करते हुए कहा कि हर बहु-खेल प्रतियोगिता में इस तरह की चुनौतियां आती हैं और सोशल मीडिया पर इन मुद्दों को राजनीतिक रंग देने या उनका फायदा उठाने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

          खेलों के उद्घाटन समारोह की पूर्व संध्या पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में 2026 एशियाई खेल समन्वय समिति के अध्यक्ष तैयब इकराम ने विवादों को अस्थायी समस्याएं बताते हुए उन्हें ज्यादा तवज्जो नहीं देने की कोशिश की।

          खेलों में खिलाड़ियों के लिए आवास की कमी का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। पंजीकरण और कमरों के आवंटन की प्रक्रिया में लग रहा लंबा समय तथा अभ्यास स्थलों तक पहुंचने के लिए खिलाड़ियों को लंबी यात्रायें करनी पड़ रही है। ये मुद्दे जापान की छवि को भी प्रभावित कर रहे हैं।

          इकराम ने कहा  “अलग-अलग मीडिया और विभिन्न माध्यमों से हमें कुछ बातें और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। हमारे खेल आयोजन खिलाड़ियों के लिए है  हम इन्हें राजनीतिक रंग देने की किसी भी कोशिश को  रोकना चाहते हैं।”

           उन्होंने कहा  “लोग हर चीज में समस्याएं तलाशने की कोशिश कर रहे हैं  लेकिन ऐसा कौन सा खेल आयोजन है जिसमें चुनौतियां नहीं होतीं  महत्वपूर्ण यह है कि उनका निपटारा किस तरह किया जाता है। आइची-नागोया एशियाई खेल आयोजन समिति (एएनएजीओसी) ने इस मामले में शानदार काम किया है  लेकिन ओसीए और एएनएजीओसी खेलों को राजनीतिक रंग देने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देंगे।”        

           अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के अध्यक्ष इकराम ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ चिंताओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है  लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि उनके अनुसार इन मुद्दों को राजनीतिक रंग देने के पीछे कौन है। आवास संबंधी समस्याओं से भारतीय खिलाड़ी भी प्रभावित हुए हैं और उन्होंने कम जगह वाले कमरों तथा लंबे इंतजार की शिकायत की है।

          चीन के विश्व चैंपियन जिम्नास्ट झांग ने कहा कि आवास के पंजीकरण की छह घंटे से अधिक लंबी प्रक्रिया के कारण वह “पूरी तरह थक चुके हैं।” स्थानीय मीडिया के अनुसार  2024 पेरिस ओलंपिक में दो रजत पदक और विश्व चैंपियनशिप के दो खिताब जीत चुके झांग ने बाद में आराम करने के लिए एक होटल में कमरा बुक किया।

          चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार  नागोया स्थित चीनी महावाणिज्य दूतावास के कर्मचारियों ने स्थानीय प्रवासी चीनी समुदाय के संपर्कों के जरिए चीनी बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए चार्टर्ड वाहनों की व्यवस्था करने में मदद की।

          ‘जापान टाइम्स’ के अनुसार  वीबो पर ‘एशिनयनगेम्सएब्सर्ड ( एशियाई खेलों की अव्यवस्था)’हैशटैग को अब तक 9.4 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है। विवाद को और बढ़ाते हुए दक्षिण कोरिया की ओलंपिक समिति ने शुक्रवार को कहा कि उसने खेल आयोजकों के समक्ष टीम स्वागत समारोह में जापान युद्ध से जुड़े सैन्य शासक को दिखाए जाने को लेकर शिकायत दर्ज कराई है।

           ‘जापान टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार  मंगलवार को हुए समारोह में एक व्यक्ति 1592 से 1598 के बीच कोरिया पर जापान के आक्रमण का नेतृत्व करने वाले जापानी शासक तोयोतोमी हिदेयोशी की वेशभूषा में शामिल हुआ था। इस पर दक्षिण कोरिया में तीखी प्रतिक्रिया हुई। ओसीए के महानिदेशक हुसैन अल मुसल्लम ने कहा कि खिलाड़ियों और उनके सहयोगी अधिकारियों के लिए कमरों का आवंटन अब पूरा हो चुका है और आवास को लेकर कोई समस्या बाकी नहीं है।

          उन्होंने कहा  “हर खिलाड़ी  हर अधिकारी और हर कोच के लिए आवास उपलब्ध है। एक भी मान्यता प्राप्त व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसके पास रहने की व्यवस्था न हो। अन्य सभी व्यवस्थाएं भी उपलब्ध हैं।”समय के साथ एशियाई खेलों का आकार बढ़ा है और 45 देशों के खिलाड़ियों की संख्या कई बार ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों से भी अधिक रही है। अल मुसल्लम ने बताया कि 17 000 से अधिक खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के अलावा विभिन्न खेलों के संचालन के लिए करीब 5 000 तकनीकी अधिकारी भी मौजूद हैं।

          कुवैत के अल मुसल्लम ने कहा  “एशियाई खेलों की तुलना किसी अन्य महाद्वीपीय महासंघ के आयोजनों से नहीं की जा सकती।”

          यह पूछे जाने पर कि आवास की कमी को लेकर उठे विवाद के मद्देनजर क्या खेल गांव बनाना बेहतर विकल्प होता  अल मुसल्लम ने कहा कि ओसीए खेल गांव का समर्थन करता है  लेकिन आयोजन की लागत और उसके बाद उसके इस्तेमाल को भी ध्यान में रखना होगा।

          अल मुसल्लम ने आइची-नागोया एशियाई खेलों में बनाए गए लकड़ी के कंटेनरनुमा आवास का भी बचाव करते हुए कहा कि इन आवासों का उद्देश्य लागत कम करना और टिकाऊपन को बढ़ावा देना था। इससे भविष्य में छोटे देशों के लिए कम लागत में एशियाई खेलों की मेजबानी का रास्ता खुल सकता है।

          इकरम ने बताया कि 2030 में दोहा और 2034 में रियाद में होने वाले एशियाई खेलों में खेल गांव की व्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि दोहा में खेल गांव का उद्घाटन पहले ही हो चुका है  लेकिन ओसीए इस मुद्दे पर एकतरफा रुख नहीं अपनाएगा। खेल गांव बनाने के साथ उसके दीर्घकालिक उपयोग और विरासत को भी ध्यान में रखना होगा।

’’क्रडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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