ओडिशा में छात्र संघ चुनाव: माझी और पटनायक ने विजयी रहे छात्रों को दी बधाई

भुवनेश्वर, ओडिशा में आठ साल के अंतराल के बाद हुए छात्र संघ चुनावों के नतीजे घोषित होने के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने शुक्रवार को राज्यभर के नवनिर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों को बधाई दी। राज्य के 346 महाविद्यालयों और 13 विश्वविद्यालयों में बृहस्पतिवार को मतदान हुआ। मुख्यमंत्री माझी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पूर्ववर्ती बीजू जनता दल (बीजद) सरकार पर राजनीतिक हित साधने के लिए आठ साल तक छात्र संघ चुनाव नहीं कराने का आरोप लगाया।

माझी ने कहा ‘‘पूर्ववर्ती सरकार ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए छात्र संघ चुनावों को स्थगित रखा जिससे छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज दब गई। हमारी सरकार ने सफलतापूर्वक चुनाव कराकर छात्र समुदाय से किया गया अपना वादा निभाया और शिक्षण संस्थानों में लोकतंत्र की भावना को फिर से स्थापित किया है।’’ मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि वे अपने साथी छात्रों के भरोसे पर खरे उतरेंगे ईमानदारी और निष्ठा से अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे तथा ‘विकसित ओडिशा’ के निर्माण में योगदान देंगे।

दूसरी ओर बीजद प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर चुनावों में अनुचित तरीके अपनाने का आरोप लगाया। पटनायक ने ‘एक्स’ पर लिखा ‘‘मैं बीजद और बीजू छात्र जनता दल (बीसीजेडी) के उन सभी नेताओं की सराहना करता हूं जो अनुचित तरीकों से चुनाव जीतने की भाजपा सरकार की साजिश के खिलाफ मजबूती से खड़े रहे।’’ पांच बार ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे पटनायक ने विजयी उम्मीदवारों को बधाई देते हुए उनकी जीत को राज्य के युवाओं और ‘जेन-जी’ की एकजुटता का परिणाम बताया।

उन्होंने लिखा ‘‘छात्र संघ चुनावों में जीतने वाले सभी उम्मीदवारों और छात्रों को मेरी हार्दिक बधाई। यह जीत ओडिशा के ‘जेन-जी’ युवा और छात्र शक्ति के समर्पण का प्रतीक है।’’ पटनायक ने कहा कि महाविद्यालयों में शैक्षणिक माहौल बेहतर बनाए रखने और छात्रों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ ‘थैंक यू-जेन-जी’ लिखा एक स्टिकर भी साझा किया। ‘जेन-जी’ उस पीढ़ी को कहा जाता है जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है। यह वह युवा वर्ग है जो तकनीक इंटरनेट और सोशल मीडिया के साथ बड़ा हुआ है। इन्हें डिजिटल नेटिव्स भी कहा जाता है क्योंकि ये लोग स्मार्टफोन इंटरनेट और सोशल मीडिया से संबद्ध हैं।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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