ओडिशा: हीराकुंड बांध से लगातार पानी छोड़े जाने पर 10 जिलों को अलर्ट पर रखा गया

भुवनेश्वर, ओडिशा के हीराकुंड बांध के 22 फाटकों के जरिए महानदी में लगातार पानी छोड़े जाने के कारण नदी के निचले प्रवाह क्षेत्र में आने वाले राज्य के 10 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य में बाढ़ से करीब आठ लाख लोग प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरी ओडिशा में बाढ़ की स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं लेकिन हीराकुंड बांध से पानी छोड़े जाने को देखते हुए प्रशासन का ध्यान महानदी डेल्टा क्षेत्र के अत्यधिक संवेदनशील जिलों कटक पुरी खुर्दा जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा पर केंद्रित है।

मुख्यमंत्री माझी ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी और विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल के साथ राज्य के उत्तरी हिस्से के भद्रक जाजपुर बालासोर मयूरभंज और क्योंझर जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया।उन्होंने बाद में पत्रकारों से कहा कि इन इलाकों में बाढ़ का पानी घटने लगा है और स्थिति में सुधार हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले दो दिनों में हालात और बेहतर हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि निचले इलाकों से करीब 2.69 लाख लोगों को सुरक्षित निकालकर 700 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।इस साल ओडिशा के 20 जिलों में बाढ़ से आठ लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के कारण सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और कई हेक्टेयर फसल को भी नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों के अनुसार सालंगी ब्राह्मणी वैतरणी जलका और बूढ़ाबलंगा नदियों के उफान के कारण उत्तरी ओडिशा में 1 300 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें भद्रक जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा।

माझी ने अधिकारियों को बाढ़ का पानी कम होने के 72 घंटे के भीतर नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को सरकार की ओर से व्यापक राहत पैकेज उपलब्ध कराया जाएगा।अधिकारियों ने बताया कि केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर के कुछ गांव जलमग्न हो गए हैं। विशेष राहत आयुक्त पाटिल ने बताया कि महानदी नदी घाटी के 10 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इनमें कटक पुरी खुर्दा जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा के अलावा अंगुल बौध संबलपुर सुबरनपुर और नयागढ़ शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि महानदी डेल्टा क्षेत्र में स्थित होने के कारण कटक पुरी खुर्दा जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिलों पर विशेष नजर रखी जा रही है। हीराकुंड बांध में जलस्तर 625.47 फुट दर्ज किया गया है जबकि बांध की अधिकतम क्षमता 630 फुट है। बांध परियोजना के मुख्य अभियंता प्रताप चंद्र चौधरी ने बताया कि बांध में आने और छोड़े जा रहे पानी की मात्रा चार लाख क्यूसेक से नीचे स्थिर है।

मंत्री सुरेश पुजारी ने बाढ़ की स्थिति में सुधार की उम्मीद जताते हुए कहा कि पिछले दो दिनों से बारिश नहीं हुई है और बांध से पानी की निकासी भी स्थिर लग रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन राहत और बचाव कार्यों को ‘शून्य जनहानि’ के लक्ष्य के साथ चला रहा है। उन्होंने बताया कि बचाव अभियान के लिए ओडिशा आपदा त्वरित कार्य बल (ओडीआरएएफ) की 17 टीम राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की सात टीम और दमकल विभाग की 129 टीम तैनात की गई हैं। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी जमीनी स्तर पर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और सरकार ने इसके लिए पहले ही 26 लाख रुपये मंजूर किए हैं। क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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