कांग्रेस ने आप पर 382 करोड़ रुपये के स्वास्थ्य घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया

कांग्रेस ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर 382 करोड़ रुपये के स्वास्थ्य घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के कोषाध्यक्ष और दिल्ली में कांग्रेस के प्रमुख नेता अजय माकन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि “आज मैं ‘आप’ के पापों’ की पहली कड़ी सबके सामने रखना चाहता हूं। दिल्ली में एक नेता ऐसा भी है जिसने अपनी पार्टी इसलिए बनाई ताकि वो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ सके। उस समय केजरीवाल सिर्फ CAG रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस पर आरोप लगाते थे। इस समय CAG की 14 ऐसी रिपोर्ट हैं जिनमें केजरीवाल सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं, लेकिन अब वो रिपोर्ट सामने नहीं आ रही हैं। ऐसे में हम केजरीवाल जी से पूछना चाहते हैं कि इस रिपोर्ट में स्वास्थ्य से जुड़े मामले में 382 करोड़ रुपये का घोटाला कैसे है? “CAG रिपोर्ट कहती है कि पिछले 10 सालों में दिल्ली में सिर्फ तीन अस्पताल बने। इनमें से एक एक्सटेंशन है और इसे कांग्रेस के शासनकाल में शुरू किया गया था। लेकिन इन अस्पतालों को बनने में न सिर्फ ज्यादा समय लगा बल्कि टेंडर अमाउंट से ज्यादा पैसे भी खर्च हुए। इंदिरा गांधी अस्पताल बनाने में 314 करोड़ रुपये बर्बाद हुए, बुराड़ी अस्पताल बनाने में 41 करोड़ रुपये बर्बाद हुए और मौलाना आज़ाद अस्पताल बनाने में 26 करोड़ रुपये बर्बाद हुए। CAG की रिपोर्ट कहती है कि 2007-15 के बीच दिल्ली सरकार ने 15 प्लॉट अधिग्रहित किए माकन ने कहा, “आप ने चार अलग-अलग बजट में कहा था कि हम दिल्ली में 32,000 बेड के अस्पताल बनाएंगे, लेकिन सिर्फ 1,235 बेड के अस्पताल बनाए। इन आंकड़ों के कारण केजरीवाल नहीं चाहते कि दिल्ली की जनता के सामने सीएजी की रिपोर्ट पेश की जाए।” इसमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 3,268 पद, डीजीएचएस में 1,532, राज्य स्वास्थ्य मिशन में 1,036, औषधि नियंत्रण विभाग में 75, एमएएमसी में 503, लोक नायक अस्पताल में 581, राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 580, जनकपुरी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 298 और चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में 322 पद शामिल हैं। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवा कर्मचारियों की भी भारी कमी है, नर्सिंग स्टाफ में 21% की कमी है और पैरामेडिक स्टाफ और विशेषज्ञ डॉक्टरों दोनों में 30% की कमी है। यह स्थिति तथाकथित “मेडिकल मॉडल” के बारे में गंभीर सवाल उठाती है, जिसके बारे में केजरीवाल दावा करते हैं कि उन्होंने दिल्ली को यह सुविधा दी है ।Photo ; Wikimedia

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