बलिया (उप्र), उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि किसी भी बाढ़ पीड़ित को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। बलिया में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद उन्होंने राहत सामग्री वितरित की। इस मौके पर उन्होंने कहा ‘‘मैं बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए आ रहा हूं। बांसडीह बलिया और बैरिया क्षेत्रों में जहां कटान और जलप्लावन से गांव प्रभावित हैं उनका निरीक्षण कर आपके बीच आया हूं।
योगी ने कहा हम लगातार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के संपर्क में हैं और वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी बाढ़ पीड़ित को समस्या न हो।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में अधिक बारिश के कारण प्रदेश के 26 जिलों में कम या ज्यादा बाढ़ आई है। इससे एक लाख 71 हजार से अधिक लोग और 251 गांव प्रभावित हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत कार्यों में तेजी लाई गई है। अब तक एक हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित बाढ़ शरणालयों में रखा गया है और 447 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। हर जिले में राहत केंद्र बनाए गए हैं जहां भोजन और राहत किट वितरित की जा रही है।
राहत किट का ब्योरा देते हुए उन्होंने कहा कि हर पीड़ित परिवार को 10 किलो आटा 10 किलो चावल दो किलो अरहर दाल दो किलो चना दो किलो भुना चना एक किलो चीनी 10 पैकेट बिस्कुट माचिस मोमबत्ती नहाने के दो साबुन और एक तिरपाल दिया जा रहा है।
इसके अलावा हल्दी मिर्च सब्जी मसाला एक किलो रिफाइंड तेल एक किलो नमक सेनेटरी पैड कपड़ा धोने के दो साबुन तौलिया डेटॉल 10 किलो आलू ढाई किलो लाई बाल्टी मग टॉर्च छतरी और मेडिसिन किट भी दी जा रही है। दवाएं और क्लोरीन की गोलियां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान सांप और कुत्ते के काटने से बचाव के लिए इंजेक्शन और वैक्सीन की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। मवेशियों से संबंधित नुकसान और गर्भवती महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था की जा रही है। योगी ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष में दुर्भाग्यवश किसी व्यक्ति की मौत होने पर उसके परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता दी जाती है।
इस मौके पर उप्र सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत कई प्रमुख लोग मौजूद थे।
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