केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 25 अक्टूबर 2026 को नीदरलैंड की अपनी यात्रा शुरू की। इस दौरान उन्होंने भारत-नीदरलैंड के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने, व्यापार और निवेश के नए रास्ते तलाशने, और भारतीय समुदाय के साथ जुड़ाव को गहरा करने पर केंद्रित कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।इस यात्रा के दौरान उन्होंने रॉटरडैम में समुद्री और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के हितधारकों के साथ बातचीत की, एम्स्टर्डम में भारतीय समुदाय से मुलाकात की और मीडिया से भी संवाद किया।
रॉटरडैम में अपने कार्यक्रम के तहत, पीयूष गोयल ने ‘पोर्ट ऑफ रॉटरडैम’ (रॉटरडैम बंदरगाह) का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ बंदरगाह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), श्री बौडविन सीमन्स (Mr. Boudewijn Siemons) भी मौजूद थे। इस दौरे ने यूरोप के सबसे बड़े बंदरगाह, रॉटरडैम के रणनीतिक महत्व को उजागर किया।
यह भारतीय सामानों के लिए यूरोपीय बाजार के प्रवेश द्वार के रूप में, और अंतरराष्ट्रीय व्यापार तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के एक प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करता है।मंत्री के रॉटरडैम बंदरगाह दौरे ने यूरोप के प्रवेश द्वार के रूप में नीदरलैंड के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया, खासकर भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (India-EU Free Trade Agreement) के संदर्भ में।
चूंकि इस समझौते से भारतीय निर्यातकों के लिए नए और बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद है, इसलिए नीदरलैंड के विश्व-स्तरीय बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे और यूरोपीय बाजारों के साथ कनेक्टिविटी, व्यापार को बढ़ाने और भारत-यूरोप आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।मंत्री ने एम्स्टर्डम के वाल्डोर्फ एस्टोरिया में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। ‘हाई टी’ (चाय-नाश्ते) पर हुए इस कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के लगभग 70 लोगों ने भाग लिया।
इसमें भारतीय समुदाय के कई सदस्य शामिल थे, जिनमें व्यवसायी और विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों के प्रतिनिधि मौजूद थे। यह कार्यक्रम प्रवासी भारतीयों के साथ बातचीत करने का एक अच्छा अवसर था।इस मुलाकात ने भारत और नीदरलैंड के बीच संबंधों को और मजबूत करने में भारतीय समुदाय की अहमियत को फिर से रेखांकित किया। साथ ही, यह दोनों देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और आपसी मानवीय संबंधों को बढ़ावा देने में उनके योगदान को भी दर्शाता है।पीयूष गोयल का यह दौरा डच हितधारकों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने के महत्व को उजागर करता है, ताकि व्यापार, निवेश और वाणिज्यिक सहयोग को आगे बढ़ाया जा सके।
इस कार्यक्रम में समुद्री लॉजिस्टिक्स और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों में बेहतर सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा हुई। इसमें भारत-यूरोपीय संघ FTA (मुक्त व्यापार समझौता) और भारत तथा यूरोप के बीच गहरे आर्थिक एकीकरण के संदर्भ में सहयोग की संभावनाएं भी शामिल थीं।https://x.com/PiyushGoyal/status/2114379864619037058/photo/1