केरल के मंत्री ने श्री नारायण गुरु की शिक्षाओं को पाठ्यपुस्तकों से हटाए जाने के दावे को खारिज किया

तिरुवनंतपुरम,  केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने दावों को निराधार करार देते हुए खारिज कर दिया कि राज्य में संशोधित स्कूली पाठ्यपुस्तकों से समाज सुधारक श्री नारायण गुरु की शिक्षाओं को हटा दिया गया है।

             एक बयान में उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वालों को ऐसे दावे करने से पहले संशोधित पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा करने के लिए समय निकालना चाहिए।  मंत्री ने कहा कि पाठ्यपुस्तकें केरल की सांस्कृतिक परंपराओं  सांस्कृतिक पुनर्जागरण आंदोलनों के योगदान और पुनर्जागरण नेताओं के लेखन को समान महत्व देते हुए तैयार की गई हैं।

             उन्होंने कहा कि पाठ्यपुस्तक संशोधन के अगले चरण में उनकी शिक्षाओं के और अधिक अंश शामिल किए जाएंगे।

             उन्होंने कहा कि जो लोग देश के इतिहास को कलंकित करने वाले केंद्र सरकार के भगवाकरण के प्रयासों के बारे में चुप रहे  वे अब केरल में निराधार बयान दे रहे हैं।

             शिवनकुट्टी ने यह भी कहा कि यह वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के नेतृत्व वाली सरकार ही थी जिसने समाज में श्री नारायण गुरु की शिक्षाओं और दर्शन के प्रसार के लिए उनके नाम पर एक विश्वविद्यालय की स्थापना की थी।

             मंत्री ने कहा कि इसलिए राज्य के लोग इसके खिलाफ किसी भी दुष्प्रचार को खारिज कर देंगे।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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