न्यूयॉर्क, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि केरल प्रगतिशील विचारों के प्रकाश स्तंभ के रूप में चमकता है, जहां हर एक आवाज मायने रखती है और एकता की भावना उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती है। विजयन ने रविवार को टाइम्स स्क्वायर में एक कार्यक्रम में राज्य के प्रवासी समुदाय के सदस्यों को संबोधित किया। विजयन ने शनिवार को ‘लोका केरल सभा’ के अमेरिकन रिज़नल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन भी किया था। ‘लोका केरल सभा’ न्यूयॉर्क में प्रवासी केरलवासियों का एक मंच है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हमने पिछले छह वर्षों में हर क्षेत्र में विशाल प्रगति की है।’’टाइम्स स्क्वायर में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजयन ने केरल के प्रगतिशील मूल्यों, सामाजिक सद्भाव और समान विकास को रेखांकित किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य प्रणाली तथा अन्य क्षेत्रों में हुए ढांचागत विकास व निवेश और उनके प्रशासन में हुए आर्थिक विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य समावेशी विकास का एक ‘मॉडल’ है और जन-केंद्रित प्रगति का उदाहरण बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि करुणा व सामाजिक न्याय ‘‘ हमारी नीतियों को संचालित करते हैं जो वंचित समुदायों को सशक्त बनाती हैं और सभी के लिए समान अवसरों को बढ़ावा देती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ केरल प्रगतिशील विचारों के प्रकाश स्तंभ के रूप में चमकता है, जहां हर आवाज मायने रखती है और एकता की भावना उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती है।’’
उन्होंने न केवल अमेरिका में बल्कि दुनिया भर में मौजूद मलयाली लोगों से ‘‘ अपनी सरजमीं को अधिक समृद्ध बनाने के लिए आने वाले समय में सहयोग जारी रखने’’ का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि केरल मई में भारत का पहला पूर्ण रूप से ई-शासित राज्य बन गया था। उन्होंने कहा कि यह उस ‘केरल मॉडल’ के लिए एक मील का पत्थर है, ‘‘जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना की जाती है।’’ विजयन ने कहा, ‘‘ ई-शासन से हम पारदर्शिता, दक्षता और समावेश को बढ़ावा दे रहे हैं।’’
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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