क्षमता विकास अंडमान की समुद्री सुरक्षा की कुंजी है: बालाकृष्णन

पोर्ट ब्लेयर, वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केवल गश्त करना पर्याप्त नहीं है और क्षेत्र में ‘अदृश्य दुश्मनों’ से निपटने के वास्ते हरसंभव क्षमता विकसित करना आवश्यक है। अंडमान और निकोबार कमान के कमांडर-इन-चीफ (सीआईएनसीएएन) एयर मार्शल साजू बालाकृष्णन ने कहा कि द्वीपसमूह में समुद्री सुरक्षा का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि भारत इस क्षेत्र में अपनी क्षमता कैसे बढ़ाता है।उन्होंने यहां अपने कमान कार्यालय में ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘जहां तक भारत की सुरक्षा का सवाल है तो अंडमान निकोबार अब एक सामरिक केंद्र बन गया है। हम यहां समग्र सामरिक परिदृश्य में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को स्पष्ट रूप से समझते हैं। हर दिन, कई अंतरराष्ट्रीय जहाज इस क्षेत्र से गुजरते हैं और हमारी सरकार इस बात से अच्छी तरह परिचित है कि हमें अपनी क्षमता बढ़ाने की जरूरत है।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस दिशा में, हमें भारत सरकार से आश्वासन मिला है कि धन की कोई कमी नहीं है। यह केवल क्षमता निर्माण की बात है; इसलिए हम संपूर्ण क्षमता विकास पर विचार कर रहे हैं, जिसमें सैन्य बुनियादी ढांचे और घरेलू आवास से लेकर भविष्य का आवश्यक बुनियादी ढांचा शामिल है।’’समुद्री सुरक्षा के बारे में बालाकृष्णन ने कहा कि पूर्वी और उत्तरी सीमाओं के विपरीत, जहां दुश्मन ज्ञात हैं, हिंद महासागर (इस क्षेत्र) में ‘‘अदृश्य दुश्मन’’ हैं।बालाकृष्णन ने कहा, ‘‘जब मैं अदृश्य शत्रुओं के बारे में बात करता हूं, तो मेरा मतलब है कि पारंपरिक क्षेत्र में, हम विरोधियों के बारे में जानते हैं। यहां तक कि जब हम पूर्वी और उत्तरी सीमाओं के बारे में बात करते हैं, तो हम जानते हैं कि ये विरोधी हैं और उनके द्वारा की जाने वाली गतिविधियां आपको स्पष्ट रूप से पता हैं। यह पूरी तरह से दृष्टिगोचर है।’’उन्होंने कहा कि भारत के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र का लगभग 30 प्रतिशत भाग इस व्यापक क्षेत्र में आता है। उन्होंने कहा, ‘‘क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए, कई एजेंसियों से खुफिया जानकारी के साथ-साथ अंतरिक्ष-आधारित निगरानी, विमान गश्त और जहाज-आधारित गश्त का संयोजन होना चाहिए। यह संयोजन ही इस खूबसूरत द्वीपसमूह की सुरक्षा सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका है।’’

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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