चीतों का कुनो से राजस्थान की ओर पलायन प्राकृतिक क्षेत्रीय व्यवहार का प्रदर्शन : एनटीसीए

नयी दिल्ली,  राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने कहा कि मध्यप्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान से ​​चीतों का राजस्थान के बारां तक आना-जाना एक प्रकार का  प्राकृतिक क्षेत्रीय व्यवहार  है।

           एनटीसीए पर्यावरण मंत्रालय के अधीन एक निकाय है।

           यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब कुछ खबरों में कहा गया था कि कुनो राष्ट्रीय उद्यान से लगभग 60 से 70 किलोमीटर की यात्रा करने के बाद कुनो के दो चीतों को बारां के मंग्रोल रेंज और बंझ अमली संरक्षण अभयारण्य में देखा गया।

           एनटीसीए ने कहा  ‘‘ भू-भाग की सीमाओं के पार लंबी दूरी तक फैलाव चीतों का एक सुस्थापित  प्राकृतिक क्षेत्रीय व्यवहार है। प्रोजेक्ट चीता में कुनो-गांधी सागर के भीतर आवागमन की स्पष्ट रूप से परिकल्पना की गई है और इसके लिए प्रावधान किए गए हैं। ये गतिविधियां प्रस्तावित 17 000 वर्ग किलोमीटर के कुनो-गांधी सागर अंतरराज्यीय वन्यजीव गलियारे के रणनीतिक औचित्य को और मजबूत करती हैं  जो राजस्थान के सात तथा मध्यप्रदेश के आठ जिलों में फैला हुआ है। ’’

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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