बीजिंग, चीन ने रूस की नई विदेश नीति अवधारणा पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बीजिंग, मॉस्को और नई दिल्ली “उल्लेखनीय प्रभाव” के साथ उभरती “प्रमुख शक्तियां” हैं तथा वह जटिल परिवर्तनों के मद्देनजर उनके साथ संबंध बढ़ाने और दुनिया को “सकारात्मक संकेत” भेजने के लिए तैयार है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गत शुक्रवार को नई विदेश नीति अवधारणा पर हस्ताक्षर किए, जिसमें कहा गया कि चीन और भारत के साथ संबंधों को मजबूत एवं गहरा करना रूस के लिए एक कूटनीतिक प्राथमिकता है।
पुतिन द्वारा अनुमोदित एक अद्यतन विदेश नीति सिद्धांत के अनुसार, रूस यूरेशिया में भारत के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी और व्यापार संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगा तथा अमित्र देशों और उनके गठबंधनों के “विनाशकारी कार्यों” का प्रतिरोध सुनिश्चित करेगा।
रूस की नई विदेश नीति अवधारणा पर चीन की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने यहां एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि “चीन, रूस और भारत सभी उल्लेखनीय प्रभाव वाले उभरते हुए प्रमुख देश हैं”।
उन्होंने कहा, “ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय परिदृश्य गहन और जटिल परिवर्तनों का सामना कर रहा है, हम रूस व भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ संचार को मजबूत करने के लिए तैयार हैं और सच्चे बहुपक्षवाद की रक्षा करने तथा वैश्विक चुनौतियों का संयुक्त रूप से जवाब देने के बारे में दुनिया को एक सकारात्मक संकेत भेजते हैं।”
निंग ने कहा, “हम चीन-रूस संबंधों के भविष्य को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।”
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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