जयशंकर, रूस के उप-प्रधानमंत्री मंतुरोव ने मॉस्को में द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों पर चर्चा की

मॉस्को, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस के पहले उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के साथ द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को और बढ़ावा देने के तौर-तरीकों पर चर्चा की। इस दौरान दोनों पक्षों ने भारत-रूस साझेदारी का भी जायजा लिया। जयशंकर रूस की दो दिवसीय यात्रा के तहत रविवार को मॉस्को पहुंचे।

यह यात्रा 12-13 सितंबर को ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन में हिस्सा के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नयी दिल्ली आने से पहले हो रही है। जयशंकर और मंतुरोव की बैठक को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि भारत और रूस कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

जयशंकर ने मंतुरोव के साथ एक कार्यक्रम की सह-अध्यक्षता करते हुए कहा “भारत-रूस साझेदारी ने लगातार मजबूती और हालात के अनुसार ढलने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है।” उन्होंने कहा “जटिल अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य के बावजूद हमारे आपसी रिश्ते लगातार गहरा होते गए हैं। यह उस आपसी हित और भरोसे को दर्शाता है जो हमारी द्विपक्षीय साझेदारी की पहचान है।”

विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा था कि यात्रा के दौरान जयशंकर के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से भी मिलने का कार्यक्रम है। यह यात्रा जयशंकर और लावरोव की मनीला में 22 जुलाई को हुई मुलाकात के एक महीने बाद हो रही है।

दोनों नेता आसियान से जुड़ी मंत्रिस्तरीय बैठकों के दौरान एक-दूसरे से मिले थे जिसमें उन्होंने आपसी संबंधों की समीक्षा की थी और यूक्रेन संघर्ष तथा पश्चिम एशिया के हालात पर विचारों का आदान-प्रदान किया था। लावरोव के साथ बैठक के दौरान जयशंकर ने क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत की “गहरी चिंता” भी दोहराई थी।क्रडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

%d bloggers like this: