जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कैलिफोर्निया में अब खाद्य अपशिष्ट का होगा इस्तेमाल

डेविस (अमेरिका), अमेरिका में जनवरी में लागू होने वाले देश के सबसे बड़े अनिवार्य आवासीय खाद्य अपशिष्ट पुनर्चक्रण कार्यक्रम के तहत केले के छिलके, चिकन की हड्डियों और बची हुई सब्जियों के लिए कैलिफोर्निया के कूड़ेदानों में जगह नहीं होगी।

इस योजना का लक्ष्य अमेरिका के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य में ‘लैंडफिल’ को खाद्य अपशिष्ट से मुक्त बनाना है, जिसके सड़ जाने से वातावरण को नुकसान होता है। खाद्य अपशिष्ट और अन्य कार्बनिक पदार्थ रासायनिक परिवर्तन के बाद ग्रीनहाउस गैस मीथेन का उत्सर्जन करते हैं, जो जीवाश्म ईंधन से कार्बन उत्सर्जन की तुलना में अल्पावधि में अधिक हानिकारक होती है।

ऐसे उत्सर्जन से बचने के लिए, कैलिफोर्निया के निवासियों ने खाद्य अपशिष्ट को खाद या ऊर्जा में परिवर्तित करने का निर्णय किया है। कैलिफोर्निया ऐसा करने वाला अमेरिका का दूसरा राज्य है। पिछले साल वर्मोन्ट ने यह योजना लागू की थी।

इसके तहत, कैलिफोर्निया के अधिकांश लोगों को अतिरिक्त भोजन को कूड़ेदान के बजाय कचरे के हरे डिब्बे में डालना होगा। इसके बाद नगर पालिकाएं खाद्य अपशिष्ट को खाद में बदल देंगी या इसका उपयोग बायोगैस बनाने के लिए करेंगी। बायोगैस एक ऐसा ऊर्जा स्रोत है जो प्राकृतिक गैस के समान है।

कैलिफोर्निया संसाधन पुनर्चक्रण एवं पुनर्प्राप्ति विभाग की निदेशक रैचल वैगोनर ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में किसी व्यक्ति द्वारा उठाया जा सकने वाला यह सबसे आसान कदम है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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