ट्रंप और पुतिन की बैठक से पहले बर्लिन की यात्रा करेंगे जेलेंस्की

 बर्लिन,  यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एवं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच इस सप्ताह के आखिर में होने वाली बैठक से पहले बर्लिन की यात्रा करेंगे जहां वह यूरोप व अमेरिकी नेताओं के साथ जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की बातचीत में शामिल होंगे।

             जेलेंस्की पहले यूरोपीय नेताओं से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात लगभग एक घंटे बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ होने वाली डिजिटल बैठक की तैयारी का हिस्सा है।

                         समान विचारधारा वाले देशों के नेताओं के बीच बैठक होगी जो रूस और यूक्रेन के बीच भविष्य के शांति समझौते की निगरानी में मदद करने के लिए तैयार हैं।

             मर्ज ने बुधवार को रूस के आक्रमण को रोकने के लिए संघर्ष कर रहे यूक्रेन को  अपनी खुद की लंबी दूरी की मिसाइल प्रणाली विकसित करने में मदद करने का भरोसा दिया जो उनके उपयोग और लक्ष्यों पर पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए किसी भी प्रतिबंध से मुक्त होगी।  जेलेंस्की ने इससे पहले मई में बर्लिन की यात्रा की थी।

             ट्रंप ने कहा है कि वह देखना चाहते हैं कि क्या पुतिन युद्ध को समाप्त करने के लिए गंभीर हैं। यूक्रेन-रूस के बीच युद्ध का यह चौथा साल है।

             ट्रंप ने यूरोप में अपने सहयोगियों को यह कहकर निराश किया है कि यूक्रेन को रूस के कब्जे वाले कुछ इलाके छोड़ने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि रूस को जमीन की अदला-बदली स्वीकार करनी होगी  हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि पुतिन से क्या-क्या देने की उम्मीद की जा सकती है।

             यूरोप के सहयोगी देश ऐसी किसी शांति वार्ता में यूक्रेन को शामिल करने पर जोर दे रहे हैं। उन्हें आशंका है कि यूक्रेन को अलग रखते हुए की गई चर्चाएं रूस के पक्ष में जा सकती हैं।

             ट्रंप ने सोमवार को बार-बार यह कहने से परहेज किया कि वह पुतिन के साथ अपनी चर्चा में जेलेंस्की को शामिल करने के लिए दबाव डालेंगे तथा उन्होंने जेलेंस्की और शांति की तलाश के प्रयास का हिस्सा बनने में उनकी (जेलेंस्की की) आवश्यकता की दलील को खारिज कर दिया। ट्रंप ने कहा कि शुक्रवार की वार्ता के बाद रूस और यूक्रेन के नेताओं के बीच एक बैठक आयोजित की जा सकती है  या फिर ‘‘पुतिन और जेलेंस्की और मेरे साथ’’ भी बैठक हो सकती है।

             यूरोपीय देश और यूक्रेन इस बात को लेकर सतर्क हैं कि पुतिन कहीं उनके बिना ही अनुकूल रियायतें हासिल न कर लें और शांति समझौते की रूपरेखा तय न कर दें।  यूरोपीय देशों को सबसे ज्यादा डर इस बात का है कि अगर पुतिन यूक्रेन में जीत जाते हैं  तो उनकी नजरें यूरोपीय देशों में से किसी एक पर टिक जाएंगी।

             जेलेंस्की ने मंगलवार को कहा कि पुतिन चाहते हैं कि यूक्रेन दोनेत्स्क क्षेत्र के शेष 30 प्रतिशत हिस्से से हट जाए  जिस पर युद्ध विराम समझौते के तहत उसका अब भी नियंत्रण है। हालांकि  इस प्रस्ताव को पुतिन ने स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया।

             जेलेंस्की ने दोहराया कि यूक्रेन अपने नियंत्रण वाला कोई भी क्षेत्र नहीं छोड़ेगा क्योंकि यह असंवैधानिक होगा और भविष्य में रूसी आक्रमण के लिए एक आधार प्रदान करेगा।

             उन्होंने कहा कि युद्ध समाप्त करने पर केंद्रित अमेरिका द्वारा संचालित कूटनीतिक चर्चाओं में यूक्रेन की प्रमुख मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया है  जिनमें भविष्य में रूसी आक्रमण को रोकने के लिए सुरक्षा गारंटी और वार्ता में यूरोप को शामिल करना शामिल है।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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