डब्ल्यूएचओ ने ओमीक्रोन के चलते कोविड-19 टीकों की जमाखोरी बढ़ने की आशंका जताई

जिनेवा, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बृहस्पतिवार को यह चिंता जताई कि कोराना वायरस का नया स्वरूप ओमीक्रोन आने से भयभीत अमीर देश कोविड-19 टीकों की जमाखोरी कर सकते हैं, जिससे टीकों की वैश्विक आपूर्ति फिर से धीमी पड़ सकती है और महामारी को खत्म करने के प्रयास में बाधा आएगी।

टीकाकरण पर अपनी विशेषज्ञ समिति की एक बैठक के बाद संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने लोगों को व्यापक स्तर पर बूस्टर खुराक देने के खिलाफ सरकारों को दी गई अपनी सलाह दोहराई, ताकि जिन देशों के पास टीके का अच्छा खासा भंडार है वे इसे कम आय वाले देशों को भेजें, जहां बड़े पैमाने पर इन टीकों का अभाव है।

डब्ल्यूएचओ के टीकाकरण, टीका और जीव विज्ञान संबंधी विभाग की प्रमुख डॉ केट ओ ब्रायन ने कहा, ‘‘महामारी को रोकने के लिए जोखिम ग्रस्त आबादी में हर किसी का टीकाकरण होगा।’’

उन्होंने कहा कि ओमीक्रोन के चलते पैदा हुई स्थिति में अधिक आय वाले देश अपनी सुरक्षा के लिए टीकों की वैश्विक आपूर्ति एक बार फिर से रोक सकते हैं। लेकिन इससे उन्हें लाभ नहीं होने जा रहा।

उन्होंने चिंता जताई कि कुछ अमीर देश अपनी आबादी का पूर्ण टीकाकरण करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब तक सभी देशों को टीका नहीं मिलेगा, संक्रमण को रोकने में यह कदम सार्थक नहीं होगा। ’’

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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