पटना, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी राजा ने 2024 के लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने के लिए “एकजुट वामपंथी” के साथ “क्षेत्रीय और अन्य धर्मनिरपेक्ष दलों” के गठबंधन का बृहस्पतिवार को आह्वान किया।
पटना स्थित भाकपा के प्रदेश मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए डी राजा ने आरोप लगाया, “ भाजपा- राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) का गठजोड़ धर्मनिरपेक्षता व लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। देश का संविधान खतरे में है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार देश को विनाशकारी दिशा में ले जा रही है तथा देश को गहरे संकट में डालने वाली नीतियां लागू कर रही है।
राजा ने आरोप लगाया, “रुपये का मूल्य गिर गया है। रुपया इतने निम्न स्तर पर पहुंच गया है कि इससे राष्ट्र के सम्मान को ठेस पहुंच रही है। ”
उन्होंने इल्ज़ाम लगाया, “भाजपा सरकार संविधान और भारत के चरित्र को बदलने पर तुली हुई है, जो संविधान के अनुसार एक धर्मनिरपेक्ष, कल्याणकारी और संघीय राष्ट्र है। मोदी सरकार देश को सांप्रदायिक और फासीवादी रास्ते पर ले जाना चाहती है।”
राजा ने आरोप लगाया, “दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। नागरिकों के संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचला जा रहा है।”
राजा ने कहा कि उनकी पार्टी ने सभी वाम दलों से वामपंथी एकता को मजबूत करने की अपील की है, क्योंकि भाजपा के खिलाफ मजबूत लड़ाई के लिए कम्युनिस्ट आंदोलन की एकता महत्वपूर्ण है।
उन्होंने धर्मनिरपेक्ष दलों, क्षेत्रीय दलों, वामपंथी ताकतों और सामाजिक ताकतों से एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ संघर्ष तेज करने का आह्वान किया ताकि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से हटाया जा सके।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : https://en.wikipedia.org/wiki/D._Raja#/media/File:D_Raja.jpg