मुंबई, अन्न एवं औषध प्रशासन(एफडीए) ने त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने के लिए पूरे शहर में विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र के एफडीए मंत्री नरहरि जिरवाल ने यह जानकारी दी। संवाददाताओं से बातचीत के दौरान जिरवाल ने कहा कि सं महाराष्ट्र चा – संकल्प अन्न सुरक्षाचा खाद्य सुरक्षा अभियान के अंर्तगत विभाग ने अभी तक 1594 से ज्यादा प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया है और 2369 खाद्य नमूने जांच के लिए इकट्ठा किए है।
उन्होंने कहा कि दूध खोया घी खाने वाला तेल मिठाइयां सूखे मेवे और चॉकलेट के नमूने इकट्ठा किए गए हैं और 554 नमूनों की जांच की गई है जिनमें 513 मानकों के अनुरूप पाए गए कम गुणवत्ता के और चार में लेबलिंग दोष थे जबकि 11 को असुरक्षित माना गया। उन्होंने कहा कि 1815 नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार है।
मंत्री ने बताया कि विभाग ने 2022 तक सहायक आयुक्त (खाद्य) और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के 200 से ज्यादा रिक्त पदों पर भर्ती पूरी कर ली है।
उन्होंने बताया कि एफडीए को और मजबूत बनाने के लिए 750 नए पदों के सृजन का प्रस्ताव वित्त विभाग को सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि नागपुर छत्रपति संभाजीनगर और पुणे में नयी खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं का निर्माण पूरा हो चुका है और जल्द ही इनका उद्घाटन किया जाएगा।
जिरवाल ने बताया कि 250 अतिरिक्त कर्मचारियों का प्रस्ताव भी सौंपा गया है और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने प्रयोगशाला के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 200 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। उनके पास वित्त विभाग भी है
उन्होंने बताया कि पोलियो के टीके के उत्पादन के लिए हाफकिन संस्थान को 25 करोड़ रुपये और सर्प-निरोधक दवा के उत्पादन के लिए 1.5 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर(जीएसटी) सुधारों के कारण दवाओं की कीमतों में गिरावट आई है और संशोधित कीमतों पर उत्पाद न बेचने वाली दवाइयों की दुकानों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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