नयी दिल्ली, दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के सदस्य देशों ने बृहस्पतिवार को मत्स्य पालन पर जलवायु संकट के प्रभाव को कम करने के लिए तकनीक को अपनाने पर जोर दिया तथा क्षेत्रीय सहयोग की इच्छा जताई।
दक्षेस कृषि केंद्र (एसएसी) द्वारा आयोजित भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और भूटान के मत्स्य वैज्ञानिकों की एक परामर्श बैठक में मत्स्य पालन और जलीय कृषि में जलवायु के अनुकूल प्रौद्योगिकियों को तत्काल अपनाने की जरूरत बतायी।
बैठक में भारत ने जलीय कृषि और मत्स्य पालन के क्षेत्र में सुधार के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जैव-सूचना विज्ञान, आनुवंशिक और जैव प्रौद्योगिकी उपकरणों की जरूरत पर बल दिया।
एसएसी के निदेशक मोहम्मद बक्तियर हुसैन ने एक बयान में कहा, ‘‘सदस्य देशों ने राष्ट्रों के बीच क्षेत्रीय सहयोग की मांग की है और जलवायु परिवर्तन के समय में हर संभव तरीके से नतीजों की जांच और ज्ञान का आदान-प्रदान करने के लिए एक मंच की मांग की है।’’
भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका ने गहरे समुद्र में मत्स्य पालन के लिए क्षमता निर्माण की बात कही।
क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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