न्याय को अधिक सुलभ, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने कई डिजिटल पहलों का उद्घाटन किया, जिनमें दिल्ली उच्च न्यायालय मोबाइल ऐप, न्यायिक अधिकारियों के लिए ई-एचआरएमएस पोर्टल, ई-ऑफिस पायलट परियोजना, एमसीडी अपीलीय न्यायाधिकरण/जेजेबी को ई-कोर्ट में शामिल करना और न्यायिक अभिलेखों का डिजिटल संरक्षण शामिल है।यह शुभारंभ भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश और ई-समिति के अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और दिल्ली उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय की उपस्थिति में हुआ।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ये पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्याय प्रणाली को प्रौद्योगिकी के माध्यम से “भविष्य के लिए तैयार” बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा, “दिल्ली सरकार इस दिशा में न्यायपालिका के साथ मिलकर काम कर रही है। प्रत्येक न्यायाधीश को चार विधि शोधकर्ता, वाई-फाई और अत्याधुनिक बुनियादी ढाँचे से सुसज्जित आधुनिक न्यायालय कक्ष और आवासीय सुविधाओं के लिए समर्पित बजटीय प्रावधान प्रदान किए जाएँगे।
यह मज़बूत सहायता प्रणाली न्यायिक प्रक्रियाओं को तेज़ और अधिक प्रभावी बनाएगी।”इस कार्यक्रम में न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह (अध्यक्ष, आईटी, एआई और अभिगम्यता समिति), न्यायमूर्ति संजीव नरूला, न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा, न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव और न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया भी उपस्थित थे।https://x.com/gupta_rekha/status/1963627647331631399/photo/1