दिल्ली की अदालत ने अंकित शर्मा हत्याकांड में AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई

दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और उनके साथ दोषी ठहराए गए जावेद, अनस, नाज़िम और कासिम को उम्रकैद की सजा सुनाई है।कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने दिल्ली पुलिस की मौत की सजा की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया।

अदालत ने कहा कि यह मामला “दुर्लभतम से दुर्लभ” (rarest of rare) श्रेणी में नहीं आता है जिसके लिए मौत की सजा दी जाए।26 वर्षीय शर्मा 25 फरवरी 2020 को चांद बाग पुलिया के पास लापता हो गए थे। अगले दिन उनका शव पास के एक नाले से बरामद किया गया था।

अभियोजन पक्ष का आरोप था कि भीड़ उसे घसीटकर हुसैन के घर ले गई, जहाँ कई बार चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी गई।अदालत ने 13 जुलाई को हुसैन और चार अन्य आरोपियों को शर्मा की हत्या के मामले में बंधक बनाने और हत्या के इरादे से अपहरण का दोषी ठहराया था।

इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली बीजेपी ने कहा कि उम्रकैद की सजा ने आम आदमी पार्टी का “असली चेहरा” बेनकाब कर दिया है। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने 2020 के पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या और दंगों से जुड़े मामले में ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई है।https://en.wikipedia.org/wiki/File:Gavel_1.png

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