दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने नई दिल्ली के गुरुद्वारा श्री रकाब गंज साहिब में आयोजित एक कार्यक्रम में सरदार तेजा सिंह समुंदरी को उनकी 100वीं शहादत बरसी पर श्रद्धांजलि दी।मुख्यमंत्री ने प्रमुख सिख नेता की याद में आयोजित शब्द कीर्तन में भाग लिया और सिख पंथ, समाज और देश की सेवा में समर्पित उनके जीवन को नमन किया।
उन्होंने कहा कि सरदार तेजा सिंह समुंदरी के त्याग, सेवा और समर्पण के आदर्श पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि जनसेवा की उनकी विरासत उनके पोते, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के माध्यम से आगे बढ़ रही है, जो दिल्ली के लोगों की सेवा कर रहे हैं।उपराज्यपाल ने सरदार तेजा सिंह समुंदरी को अकाली आंदोलन (1914–1926) का एक महान नेता और गुरुद्वारा सुधार आंदोलन के मुख्य सूत्रधारों में से एक बताया।
उन्होंने रकाब गंज, चाबियां, गुरु का बाग और जैतो-नाभा मोर्चों में समुंदरी के नेतृत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि शांतिपूर्ण विरोध, दृढ़ता और त्याग के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आंदोलन की मुख्य विशेषता बन गई।
उन्होंने स्कूलों की स्थापना के माध्यम से सामाजिक समानता, शिक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव में उनके योगदान का भी उल्लेख किया।स्मृति कार्यक्रम में शब्द कीर्तन शामिल था, जिसमें पद्म श्री भाई हरजिंदर सिंह (श्रीनगर वाले) द्वारा सरदार तेजा सिंह समुंदरी को समर्पित एक विशेष प्रस्तुति दी गई, जिसके बाद गुरु का लंगर हुआ।
17 जुलाई 1926 को उनकी शहादत के सौ साल पूरे होने पर नेताओं ने कहा कि उनका जीवन निस्वार्थ सेवा, नैतिक साहस और न्याय, आस्था और सिद्धांतों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की एक स्थायी प्रेरणा बना हुआ है। https://x.com/LtGovDelhi/status/2078155982186934712/photo/1