दिल्ली बजट में मंदिर के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों को मानदेय देने का सरकार ने कोई जिक्र नहीं किया: आप

आम आदमी पार्टी (आप) ने बजट में मंदिर के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों का कोई जिक्र नहीं करने पर दिल्ली सरकार की आलोचना की है। किराड़ी से आप विधायक अनिल ‘वत्स’ झा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा का एक और नारा बेनकाब हो गया है।

झा ने कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा ने मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों को मानदेय देने का वादा किया था। लेकिन सरकार के बजट में मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों को मानदेय देने का कोई जिक्र नहीं है। अब मंत्री प्रवेश वर्मा ने विधानसभा में साफ कह दिया है कि पुजारियों और ग्रंथियों को मानदेय देने की हमारी कोई योजना नहीं है।

अनिल ‘वत्स’ झा ने कहा, “एक सवाल के जवाब में मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों को मानदेय देने की हमारी कोई योजना नहीं है। अब ऐसा लग रहा है कि सरकार द्वारा तैयार किया गया बजट उनके द्वारा नहीं बल्कि पर्दे के पीछे बैठे किसी और द्वारा तैयार किया गया है।”

Photo : Wikimedia

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