दिल्ली विधानसभा में स्वतंत्रता-पूर्व संसदीय प्रणाली और भारतीय विधायकों की भूमिका पर संगोष्ठी का आयोजन

आज दिल्ली विधानसभा में माननीय अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में स्वतंत्रता-पूर्व संसदीय प्रणाली (1911-1946) और विधानमंडल में भारतीय सदस्यों की भूमिका पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई।

इस कार्यक्रम में पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. विनय सहस्रबुद्धे, उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट और विधानसभा के कई सदस्यों ने भाग लिया।

संगोष्ठी का उद्देश्य भारत की विधायी संस्थाओं के ऐतिहासिक विकास और औपनिवेशिक काल के दौरान भारतीय प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए योगदान पर प्रकाश डालना था।चर्चा में भारत की विधायी विरासत को समझने और आज के लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थाओं को आकार देने में इसकी प्रासंगिकता के महत्व पर ज़ोर दिया गया।

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