दिल्ली विमानन शिखर सम्मेलन में 115 से अधिक एयरलाइन, 55 देशों के प्रतिनिधि लेंगे हिस्सा

नयी दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी में मार्च में होने वाले ‘रूट्स एशिया 2027’ में 115 से अधिक प्रमुख एयरलाइन कंपनियों और 55 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। यहां 16 से 18 मार्च तक होने वाले ‘रूट्स एशिया 2027’ में एयरलाइन कंपनियों हवाई अड्डों गंतव्यों और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में हवाई संपर्क के भविष्य से जुड़े विमानन क्षेत्र के निर्णय लेने वाले प्रमुख अधिकारी शामिल होंगे।

‘रूट्स एशिया 2027’ के आयोजन से पहले आयोजित कार्यक्रम में नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि यह खासकर ऐसे समय में एक महत्वपूर्ण वैश्विक विमानन कार्यक्रम है जब दुनिया एक-दूसरे से जुड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा ‘‘भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन गया है और हमारा लक्ष्य वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार बनना है। इसके लिए हवाई संपर्क बहुत महत्वपूर्ण है।’’नायडू ने कहा कि यह आयोजन भारत के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क को महत्वपूर्ण बढ़ावा देगा।

उन्होंने बताया कि रूट्स एशिया 2027 में 115 से अधिक प्रमुख एयरलाइन कंपनियों 55 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और 2 500 से अधिक आमने-सामने की बैठकों के होने की उम्मीद है। मंत्री ने कहा ‘‘ये सिर्फ कार्यक्रम नहीं हैं। ये संकेत हैं। वे दुनिया को बताते हैं कि भारत केवल सबसे बड़ा विमानन बाजार नहीं बनना चाहता बल्कि एशिया और उससे आगे के विमानन क्षेत्र को आकार देने में भागीदार बनना चाहता है।’’

उन्होंने कहा कि सरकार भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। नायडू ने कहा कि इसके लिए 2047 तक यात्रियों की संख्या को मौजूदा 24 करोड़ से करीब छह गुना बढ़ाकर 130 करोड़ करने और परिचालन वाले हवाई अड्डों की संख्या को लगभग तीन गुना बढ़ाकर 165 से 400 करने का लक्ष्य है। मंत्री ने कहा ‘‘इसलिए मेरा मानना है कि रूट्स एशिया 2027 सही समय पर सही जगह पर और सही अवसर लेकर आ रहा है। अधिक क्षमता अधिक एयरलाइंस और अधिक मार्गों की गुंजाइश है।’’ रूट्स एशिया 2027 का आयोजन भारत मंडपम कन्वेंशन सेंटर में होगा।

इस आयोजन से विमानन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को मिलने बेहतर तौर-तरीकों को साझा करने और नेटवर्क से जुड़ी रणनीतियां विकसित करने के लिए साथ आने का मंच मिलने की उम्मीद है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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