नयी दिल्ली, दूरसंचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान ने मंगलवार को एक वैश्विक कार्यक्रम में कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल समावेशन के लिए ई-बैंड स्पेक्ट्रम और सैटकॉम (उपग्रह संचार) का इस्तेमाल होगा।
उन्होंने कहा कि डिजिटल समावेशन का एजेंडा वित्तीय समावेशन और आर्थिक विकास के केंद्र में है।
चौहान ने जिनेवा में वर्ल्ड समिट ऑफ इंफॉरमेशन सोसाइटी (डब्ल्यूएसआईएस) 2022 के उद्घाटन समारोह में कहा कि सरकार समावेशी विकास के लिए खुले सार्वजनिक डिजिटल मंच बना रही है, जैसे कि सार्वभौमिक भुगतान प्रणाली, जिसमें कोई भी बैंक शामिल हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘पर्वतीय इलाकों में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाने में कठिनाई को देखते हुए, हमारा ध्यान ऐसी प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर है, जो विकास को गति दे सकती हैं और इस अंतर को पाट सकती हैं, जैसे – ई-बैंड वायरलेस कैरियर, एलईओ और एमईओ उपग्रह संपर्क।’’
चौहान ने कहा कि सरकार ने एलईओ और एमईओ संपर्क के लिए पहला सेवा लाइसेंस जारी किया है और उम्मीद है कि दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल समावेशन को सक्षम करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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