नियोक्ता धार्मिक प्रतीक चिह्नों को सीमित कर सकते हैं : ईयू अदालत

बर्लिन, यूरोपीय संघ की शीर्ष अदालत ने बृहस्पतिवार को व्यवस्था दी कि नियोक्ता अपने कर्मियों को हिजाब जैसे धार्मिक प्रतीक चिह्न या किसी राजनीतिक विचारधारा को दर्शाने वाले प्रतीक चिह्न पहनने से मना कर सकते हैं।

लग्जमबर्ग आधारित न्यायाधिकरण ने हालांकि यह भी कहा कि 27 देशों वाले यूरोपीय संघ की अदालतों को यह देखना होगा कि क्या प्रतिबंध नियोक्ता की तरफ से ‘‘वास्तविक आवश्यकता’’ पर आधारित है।

इसने कहा कि उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता के राष्ट्रीय कानून को ध्यान में रखने के साथ ही कर्मचारियों के अधिकारों और हितों पर भी विचार करना चाहिए।

इस मामले को जर्मनी की दो महिलाएं ‘कोर्ट ऑफ जस्टिस ऑफ यूरोपियन यूनियन’ लेकर पहुंचीं जो अपने कार्यस्थलों पर हिजाब पहनती हैं।

दोनों महिलाओं ने जर्मनी की अदालतों में शिकायतें दायर की थीं जहां से मामले को यूरोपीय संघ की शीर्ष अदालत में भेज दिया गया।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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