पटना, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गमला भेंट किया जिसके बाद कुमार ने वही गमला अधिकारी के सिर पर रख दिया। मुख्यमंत्री के इस बर्ताव पर राज्य के मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने उनकी ‘मानसिक स्थिति’ को लेकर सवाल उठाए। यह घटना पटना के एलएन मिश्रा इंस्टीट्यूट में हुई जहां मुख्यमंत्री ने लगभग 10 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास किया और 20 नवनियुक्त संकाय सदस्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (शिक्षा) एस सिद्धार्थ ने कुमार को एक गमला भेंट किया जिसे लेने के तुरंत बाद कुमार ने उसे उसी अधिकारी के सिर पर रख दिया जिससे वहां उपस्थित लोग अचंभित रह गए।
सिद्धार्थ ने तुरंत इसे हटा दिया और वहां से चले गए इस दौरान वहां मौजूद लोग मुस्कुराने लगे। इस पूरे प्रकरण की एक क्लिप सोशल मीडिया पर सार्वजिक हो गई। यह घटना मुख्यमंत्री की ओर से किए गए असामान्य बर्ताव की घटनाओं की सूची में शामिल हो गई।
राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि यह घटना चौंकाने वाली और शर्मनाक है। तिवारी ने दावा किया ‘‘उनकी गतिविधियां राज्य को शर्मसार कर रही हैं। इससे पता चलता है कि उनका दिमाग उनके नियंत्रण में नहीं है। उन्हें नौकरशाहों का एक समूह नियंत्रित कर रहा है। वह बिहार के अब तक के सबसे कमजोर मुख्यमंत्री हैं।’’
इससे पहले मार्च में पटना में ‘सेपक टाकरा विश्व कप’ के उद्घाटन के दौरान राष्ट्रगान से पहले कुमार अचानक मंच से चले गए थे। पिछले साल नवंबर में उन्होंने दरभंगा में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पैर छूने की कोशिश की थी।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common