इस्लामाबाद, पाकिस्तान के शीर्ष नागरिक एवं सैन्य अधिकारियों ने शुक्रवार को देश में “आतंकवाद की हालिया लहर” को परास्त करने का संकल्प लिया और चेतावनी दी कि किसी को भी राष्ट्रीय सुरक्षा की अहम धारणा को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश में बढ़ते आतंकवाद के खतरे का मुकाबला करने की रणनीति पर चर्चा के लिए शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की बैठक बुलाई थी। एनएससी देश की सुरक्षा संबंधी निर्णय लेने वाला सर्वोच्च निकाय है।
एनएससी की बैठक में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) आतंकी समूह से पैदा हुए खतरे का मुकाबला करने के तौर-तरीकों पर चर्चा की गई। टीटीपी नवंबर में पाकिस्तान सरकार के साथ संघर्ष विराम समझौते से आधिकारिक रूप से हट गया था। उसके बाद आतंकी समूह ने कई हमले किए हैं।
शरीफ की अध्यक्षता में हुई बैठक में पाकिस्तान के शीर्ष नागरिक और सैन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक में तीनों सेनाओं के प्रमुख, वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों और अन्य उच्च अधिकारियों ने भी भाग लिया। बैठक में देश में शांति एवं सुरक्षा की समग्र स्थिति पर चर्चा की गई।
अधिकारियों के अनुसार बैठक में देश की अर्थव्यवस्था और कानून व्यवस्था की स्थिति की भी व्यापक समीक्षा की गई।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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