कोट्टायम (केरल), केरल के पूर्व विधायक पी. सी. जॉर्ज ने मंगलवार को संकेत दिया कि उनके नेतृत्व वाली केरल जनपक्षम (सेक्युलर) पार्टी का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय होने की संभावना है। जॉर्ज ने यहां समाचार चैनलों से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं की ‘सामान्य भावनाएं’ भाजपा में शामिल होने के पक्ष में हैं और इस संबंध में निर्णय लोकसभा चुनाव से पहले किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कोई निर्णय लिया जाता है तो यह विलय नहीं होगा ‘‘क्योंकि हमारी पार्टी बहुत छोटी है और यह नदी में मिलने वाली एक छोटी धारा की तरह होगी।’’ केरल विधानसभा में 30 साल से अधिक समय तक पूंजर सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले जॉर्ज ने नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की और कहा कि भारत को इतना कुशल प्रधानमंत्री कभी नहीं मिला और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यही राय है कि उनका (प्रधानमंत्री का) समर्थन किया जाए।
यह पूछे जाने पर कि अगर वह भाजपा में शामिल होते हैं तो क्या वह लोकसभा चुनाव लड़ेंगे, उन्होंने कहा, ‘‘अगर भाजपा मुझसे चुनाव लड़ने के लिए कहेगी तो मैं लड़ूंगा, अगर नहीं तो मैं नहीं लड़ूंगा।’’ कोट्टायम जिले के पूंजर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सात बार के पूर्व विधायक जॉर्ज ने 1982 से 1987 और 1996 से 2022 तक कुल 33 वर्षों तक केरल विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया। 2016 के विधानसभा चुनावों के बाद अपनी खुद की पार्टी केरल जनपक्षम (सेक्युलर) बनाने से पहले वह केरल कांग्रेस, केरल कांग्रेस (जोसेफ), केरल कांग्रेस (मणि) और केरल कांग्रेस (सेक्युलर) जैसे विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े थे।
अपने राजनीतिक करियर के दौरान जॉर्ज यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार के सत्ता में रहने पर 2011 से 2015 तक केरल विधानसभा के मुख्य सचेतक जैसे पदों पर रहे। बाद में उन्होंने 2017 में अपनी पार्टी की स्थापना की। जॉर्ज 2021 के विधानसभा चुनावों में त्रिकोणीय मुकाबले में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा के उम्मीदवार से अपने गढ़ पूंजर क्षेत्र में चुनाव हार गए थे।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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