पोप की उत्तर की यात्रा से दोनों कोरियाई देशों में शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी : मून

वेटिकन सिटी, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई इन ने कैथोलिक ईसाई धर्म के सर्वोच्च नेता पोप फ्रांसिस को उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया को अलग करने वाले असैन्य क्षेत्र में लगे कंटीले तार से बनी सलीब (ईसा मसीह के प्रतीक)की मूर्ति शुक्रवार को भेंट की और कहा कि पोप की उत्तर कोरिया की यात्रा से कोरिया प्रायद्वीप में ‘‘शांति के प्रयास’ को गति देने में मदद मिलेगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि रोम में जी-20 सम्मेलन शुरू होने से पहले कैथोलिक ईसाई धर्म को मानने वाले मून ने पोप से मुलाकात की।

वेटिकन इस तरह की मुलाकात के लिए स्वतंत्र मीडिया को उपस्थित रहने की अनुमति नहीं देता। उसने कहा कि बातचीत,वार्ता को प्रोत्साहित करने में कैथोलिक चर्च की भूमिका को लेकर थी। वेटिकन ने कहा, ‘‘ दोनों पक्षों द्वारा संयुक्त कोशिशों को लेकर बातचीत की गई और माना गया कि अच्छी मंशा कोरियाई प्रायद्वीप की शांति और विकास के हित में होगी। साथ ही उसकी एकजुटता और भाईचारे का समर्थन किया गया।

वेटिकन ने हालांकि, अपने बयान में पोप द्वारा संभावित कोरिया यात्रा की कोई जानकारी नहीं दी।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Getty Images

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