पोप के पद पर रहने के दौरान फ्रांसिस कभी अपने देश अर्जेंटीना नहीं गए

ब्यूनस आयर्स, जॉर्ज मारियो बर्गोग्लियो 2013 में पोप फ्रांसिस बनने के बाद कभी भी अपने देश अर्जेंटीना नहीं गए जिससे वहां के लोगों को हैरानी हुई। उनका जन्म ब्यूनस आयर्स में हुआ था। पोप रहने के दौरान फ्रांसिस के अर्जेंटीना नहीं जाने से लोगों को हैरानी हुई और उन्हें लगा कि विश्व के पहले लैटिन अमेरिकी पोप ने उनकी उपेक्षा की है।

पोप फ्रांसिस का सोमवार को निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे। फ्रांसिस ने पोप के तौर पर 12 साल के अपने कार्यकाल के दौरान अर्जेंटीना का दौरा नहीं करने के अपने फैसले के बारे में कुछ नहीं कहा लेकिन वेटिकन के अंदरूनी सूत्रों और वार्ताकारों ने कहा कि पोप अपने देश में ध्रुवीकरण की राजनीति से दूर ही रहना चाहते थे। सूत्रों ने कहा ‘‘हमें पोप के अर्जेंटीना से होने पर गर्व होना चाहिए था।’

’अर्दिना आरागॉन (94) ने कहा ‘‘मुझे लगता है कि कुछ राजनीतिक कारक थे जिसके चलते उन्होंने ऐसा किया।’’ अर्जेंटीना की संस्कृति में रचे-बसे फुटबॉल खेल के प्रशंसक फ्रांसिस को अपने देश के कुछ नेताओं के साथ तनावपूर्ण संबंधों के लिए जाना जाता है। वर्तमान दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जेवियर माइली जिन्होंने 2023 में पदभार ग्रहण किया के साथ उनके वैचारिक टकराव ने और भी चुनौतियां पैदा कर दीं।

फ्रांसिस ने अर्जेंटीना में अपनी लोकप्रियता में गिरावट देखी: अर्जेंटीना ने फ्रांसिस के पोप बनने का जश्न उसी उत्साह से मनाया जैसा कि देश ने तीन बार विश्व कप फुटबॉल चैंपियनशिप जीतने पर किया। लेकिन ब्यूनस आयर्स के पूर्व आर्कबिशप को लेकर यह शुरुआती उत्साह समय बीतने के साथ फीका पड़ गया।

हाल ही में प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट से पता चला है कि पिछले दशक में अर्जेंटीना में फ्रांसिस की लोकप्रियता में किसी अन्य देश की तुलना में अधिक गिरावट हुई है। सर्वेक्षण में शामिल किये गए लगभग 64 प्रतिशत लोगों ने कहा कि सितंबर 2024 में फ्रांसिस के बारे में उनका दृष्टिकोण सकारात्मक था जबकि 2014 में यह 91 प्रतिशत था। ब्यूनस आयर्स की 62 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका एड्रियाना लोम्बार्डी ने कहा ‘‘हमारे बीच कई लोग सोचते हैं कि उन्होंने गलतियां कीं। हमारे समुदाय में हर कोई उन्हें लेकर गौरवान्वित महसूस नहीं करता।’

’ पोप के रूप में फ्रांसिस की यात्रियों में अर्जेंटीना के लगभग सभी पड़ोसी देश शामिल हैं। हालांकि फ्रांसिस ने पिछले साल अपनी मातृभूमि की यात्रा की योजना का उल्लेख किया लेकिन उन्होंने यात्रा नहीं की। सेवानिवृत्त नर्स लूसिया विडाल ने कहा ‘‘उन्होंने ब्राजील पेरू चिली का दौरा किया। वे हमारे सिर के ऊपर से (विमान से) गुजरे।’’ इसके विपरीत पोप जॉन पॉल द्वितीय ने 1978 में पोप बनने के साल भर के अंदर अपने देश पोलैंड का दौरा किया था। उनके उत्तराधिकारी पोप बेनेडिक्ट16वें ने 2005 में अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए अपने देश जर्मनी को चुना था।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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